7 लाख का लोन लेकर शुरू की थी डेयरी:झाबुआ के रमेश अब हर महीने कमा रहे 90 हजार का मुनाफा

7 लाख का लोन लेकर शुरू की थी डेयरी:झाबुआ के रमेश अब हर महीने कमा रहे 90 हजार का मुनाफा

झाबुआ में मध्य प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी के उद्देश्य से “दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान” का दूसरा चरण 17 दिसंबर से शुरू हुआ है। इस अभियान के अंतर्गत, अधिकारी उन पशुपालकों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं जिनके पास 10 या उससे अधिक मादा पशु हैं। इसका लक्ष्य उनकी समस्याओं को समझना और उन्हें आधुनिक पशुपालन तकनीकों से जोड़ना है। पशुपालक रमेश जाम से मिलीं झाबुआ कलेक्टर इसी कड़ी में, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना ने रामा विकासखंड के नवापाड़ा गांव का दौरा किया और पशुपालक रमेश जाम सिंह वास्केल से भेंट की। कलेक्टर ने रमेश को नस्ल सुधार, संतुलित पशु पोषण और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पशुपालकों को कृषि विज्ञान केंद्र में जैविक खाद, साइलेज निर्माण और उन्नत कृत्रिम गर्भाधान जैसी तकनीकों की ट्रेंनिग दी जाए। 5 भैंसों के साथ शुरू किया था व्यापार रमेश वास्केल ने 2017 में उद्योग विभाग से 7 लाख रुपए का लोन लेकर महज 5 भैंसों के साथ अपना काम शुरू किया था। वर्तमान में उनके पास 3 गाय और 12 भैंसें हैं। रमेश ने बताया कि उन्हें ‘मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना’ के अंतर्गत 75% अनुदान पर हरियाणा से 2 मुर्रा भैंसें लीं। 90 हजार रुपए की शुद्ध बचत कर रहे हैं रमेश रमेश प्रतिदिन 120 लीटर दूध का विक्रय करते हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 1.70 लाख रुपए की आय होती है। सभी व्यय घटाने के बाद, वे प्रति माह 90 हजार रुपए की शुद्ध बचत करते हैं। दुग्ध उत्पादन में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘गोपाल पुरस्कार’ (तृतीय स्थान) से सम्मानित किया गया है। अभियान के दौरान, पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों ने पशुपालकों को साइलेज (पौष्टिक चारा) के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया। विशेषज्ञों ने बताया कि साइलेज न केवल किफायती है, बल्कि यह पशुओं के पाचन तंत्र और दूध की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी सहायक है। पशुपालकों को गोबर प्रबंधन और बायोगैस प्लांट स्थापित करने के लिए ट्रेंनिग लेने की भी सलाह दी गई, ताकि वे अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकें।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *