‘रमीज 15 दिनों से घर पर था, आरोप झूठा है’:पुलिस ने गालियां दी-तोड़फोड़ की, फिर चले गए; कैरव अपहरण केस के आरोपियों के घर से रिपोर्ट

‘रमीज 15 दिनों से घर पर था, आरोप झूठा है’:पुलिस ने गालियां दी-तोड़फोड़ की, फिर चले गए; कैरव अपहरण केस के आरोपियों के घर से रिपोर्ट

‘मेरा भाई गुजरात में रहकर इलेक्ट्रिशियन का काम सीख रहा था। 15 दिन पहले ही घर लौटा था और तब से बाहर भी नहीं निकला। ऐसे में अपहरण और फिरौती की कहानी समझ से परे है। उसे दुबई जाना था। हो सकता है कि उसके मोबाइल से किसी ने कॉल किया हो, उसी के आधार पर पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की हो।’ ये बातें नालंदा जिले के इस्लामपुर निवासी मोहम्मद मिस्टर आलम ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कही। दरअसल, जमशेदपुर पुलिस ने 27 जनवरी को अपहरण और फिरौती के मामले में मोहम्मद मिस्टर आलम के छोटे भाई रमीज राजा, स्वाति देवी के पति गुड्डू सिंह और मोहम्मद इमरान उर्फ आमिर को हिरासत में लिया था। इसके बाद 29 जनवरी की देर रात पुलिस ने दावा किया कि तीनों एनकाउंटर में घायल हो गए। स्वाति देवी ने अपने पति को निर्दोष बताते हुए कहा, ‘शादी के बाद से आज तक कोई मेरे घर पति के बारे में पूछताछ करने नहीं आया। पति ईंट-बालू का कारोबार करते हैं। 19 जनवरी को किसी काम से बाहर गए थे, लेकिन उसी दिन लौट भी आए थे। उनका मोबाइल मैं खुद देखती थी। अपहरण और फिरौती मांगने की बात बिल्कुल झूठी है।’ नालंदा के तीनों आरोपी कौन हैं, पुलिस उनके घर आई थी तब क्या हुआ था, आरोपियों के परिजन का अपहरण और फिरौती केस को लेकर क्या कहना है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। पहले तीनों आरोपियों के घर की तस्वीरें देखिए पहले जानिए 27 जनवरी की रात को आरोपियों के घर क्या हुआ था जमशेदपुर के उद्योगपति के बेटे कैरव गांधी अपहरण कांड में आरोपी बनाए गए रमीज राजा के भाई मोहम्मद मिस्टर आलम ने पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में मिस्टर आलम ने बताया, 27 जनवरी की रात करीब 11 से साढ़े 11 बजे पुलिस मेरे घर पहुंची। ‘हम लोग खाना खाकर सोने की तैयारी में थे। मेरा छोटा भाई रमीज घर के अंदर था और मैं बरामदे में मौजूद था।’ आलम का आरोप है कि पुलिस के पहुंचते ही उन्होंने सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन बिना कुछ बताए ही पुलिसकर्मियों ने मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने बताया, ‘शोर सुनकर घर की महिलाएं बाहर आईं, जिनमें मेरी बुजुर्ग मां भी थीं। जब महिलाओं ने पूछा कि क्या हुआ है, तो एक महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें धमकाया और कहा- चुपचाप कोने में बैठ जाओ, वरना पिटाई होगी।’ मिस्टर आलम के मुताबिक, ‘इसके बाद पुलिसकर्मी घर के कमरों में घुस गए और सभी अलमारियों के ताले तोड़ दिए। घर में रखी ज्वेलरी ले ली गई। मां के पर्स में रखे 10 हजार रुपए नकद भी गायब थे। इसके अलावा रमीज का लैपटॉप, मोबाइल और मां का मोबाइल भी पुलिस अपने साथ ले गई।’ ‘मेरे भाई की जॉब हो गई थी, उसे दुबई जाना था, सारे डॉक्युमेंट्स ले गई पुलिस’ आलम ने बताया, ‘रमीज राजा के जितने भी डॉक्युमेंट्स थे, वो पुलिस अपने साथ ले गई। मेरा आधार कार्ड भी उसी में था। उन्होंने कहा कि रमीज अभी तो स्टूडेंट लाइफ में था। बीए कंप्लीट किया था।’ रमीज और दूसरे आरोपी इमरान के दोस्त होने और दोनों के बीच जान पहचान के सवाल पर आलम ने कहा, ‘ये बिलकुल झूठ बात है। दोनों के बीच उम्र का काफी अंतर है। पड़ोसी होने के नाते कभी साथ बैठते होंगे, तो अलग बात है।’ आलम ने कहा, ‘मैं पैर से दिव्यांग हूं, पास के एक स्कूल में टीचर हूं। सुबह 7 बजे निकल जाता हूं, शाम को 3 बजे आता हूं। पिछले 15 दिनों से तो रमीज को मैं घर पर ही देख रहा हूं। अगर ऐसी कोई बात थी तो वो बाहर जरूर जाता, लेकिन ऐसा नहीं है।’ ‘रात को अचानक गेट तोड़ा, अंदर घुसे, मुझे लगा कि चोर आ गए हैं’ आरोपी गुड्डू सिंह की पत्नी स्वाति सिंह ने बताया, ’27 जनवरी को हम लोग खाना खाकर सो रहे थे। मेरे पास दोनों बच्चे थे। अचानक पुलिस दरवाजा तोड़कर घर के अंदर आ गई। मुझे लगा कि चोर आए हैं, मैं चिल्लाई। मेरे साथ बच्चे भी चिल्लाने लगे, लेकिन फिर ड्रेस देखकर पता चला कि पुलिस आई है।’ अंदर आते ही लेडी पुलिसकर्मी मुझे गालियां देने लगी, कहने लगी कि सारे पैसे निकाल। उधर, पुलिसकर्मी मेरे पति का नाम लेकर उन्हें तलाशने लगे। स्वाति के मुताबिक, लेडी पुलिस की ओर से धमकाने के बाद मैंने तुरंत लोहे के बक्से और अलमारियों की चाबी उन्हें सौंप दी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तोड़फोड़ की। अलमारी में रखा ज्वेलरी और कैश अपने साथ ले गए। जाते वक्त पुलिस कर्मियों ने घर में लगे टीवी को भी तोड़ दिया।’ उन्होंने बताया, ‘मेरे पति ईंट-बालू का कारोबार करते हैं। पुलिस जब कार्रवाई कर रहे थी, तब मुझे और मेरे दोनों बच्चों को बाहर निकाल दिया था। फिर मेरे पति को अपने साथ पकड़कर ले गए।’ स्वाति ने कहा, ‘रात को क्या हुआ है, क्या नहीं मुझे कुछ नहीं पता है। मेरा मोबाइल तो पुलिसवाले अपने साथ ही लेकर चले गए। मैंने काफी मिन्नत की, अपील की कि मेरा मोबाइल दे दीजिए, लेकिन उन्होंने मोबाइल वापस नहीं किया।’ वहीं, नालंदा से गिरफ्तार किया गया तीसरा आरोपी मोहम्मद इमरान तीन भाइयों में सबसे बड़ा है और गांव में किराना, कपड़ा और श्रृंगार की दुकान चलाता है। भास्कर रिपोर्टर जब इमरान के घर गए तो परिजनों ने मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि तीनों ही सामान्य परिवारों से हैं और कभी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं रहे हैं। अब जानिए, जमशेपुर में अपहरण, फिरौती का मामला क्या है? 13 जनवरी को जमशेदपुर में उद्योगपति के बेटे कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया था। 27 जनवरी को पुलिस ने कैरव को बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें इस्लामपुर थाना क्षेत्र के सिरहरी गांव निवासी जसीमुद्दीन कैफी का बेटा (20) रमीज राजा, मो. शाहजहां का बेटा (45) मोहम्मद इमरान उर्फ आमिर और पहाड़ीतर गांव निवासी बिहारी सिंह का बेटा (45) गुड्डू सिंह शामिल हैं। पुलिस मुठभेड़ में तीनों के पैरों में गोली लगी है। इन तीनों के अलावा, अपहरण मामले में पुलिस ने गयाजी के उपेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन और आगमकुआ पटना निवासी मोहन कुमार प्रसाद को भी गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के बाद की तस्वीरें देखिए… हथियार और कारतूस भी बरामद सिटी SP ने बताया, ‘पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस देर रात हथियार बरामद करने पहुंची थी। अपराधियों के बताए लोकेशन से हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। इसी दौरान अपराधियों ने मौके का फायदा उठाकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। ‘मेरा भाई गुजरात में रहकर इलेक्ट्रिशियन का काम सीख रहा था। 15 दिन पहले ही घर लौटा था और तब से बाहर भी नहीं निकला। ऐसे में अपहरण और फिरौती की कहानी समझ से परे है। उसे दुबई जाना था। हो सकता है कि उसके मोबाइल से किसी ने कॉल किया हो, उसी के आधार पर पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की हो।’ ये बातें नालंदा जिले के इस्लामपुर निवासी मोहम्मद मिस्टर आलम ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कही। दरअसल, जमशेदपुर पुलिस ने 27 जनवरी को अपहरण और फिरौती के मामले में मोहम्मद मिस्टर आलम के छोटे भाई रमीज राजा, स्वाति देवी के पति गुड्डू सिंह और मोहम्मद इमरान उर्फ आमिर को हिरासत में लिया था। इसके बाद 29 जनवरी की देर रात पुलिस ने दावा किया कि तीनों एनकाउंटर में घायल हो गए। स्वाति देवी ने अपने पति को निर्दोष बताते हुए कहा, ‘शादी के बाद से आज तक कोई मेरे घर पति के बारे में पूछताछ करने नहीं आया। पति ईंट-बालू का कारोबार करते हैं। 19 जनवरी को किसी काम से बाहर गए थे, लेकिन उसी दिन लौट भी आए थे। उनका मोबाइल मैं खुद देखती थी। अपहरण और फिरौती मांगने की बात बिल्कुल झूठी है।’ नालंदा के तीनों आरोपी कौन हैं, पुलिस उनके घर आई थी तब क्या हुआ था, आरोपियों के परिजन का अपहरण और फिरौती केस को लेकर क्या कहना है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। पहले तीनों आरोपियों के घर की तस्वीरें देखिए पहले जानिए 27 जनवरी की रात को आरोपियों के घर क्या हुआ था जमशेदपुर के उद्योगपति के बेटे कैरव गांधी अपहरण कांड में आरोपी बनाए गए रमीज राजा के भाई मोहम्मद मिस्टर आलम ने पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में मिस्टर आलम ने बताया, 27 जनवरी की रात करीब 11 से साढ़े 11 बजे पुलिस मेरे घर पहुंची। ‘हम लोग खाना खाकर सोने की तैयारी में थे। मेरा छोटा भाई रमीज घर के अंदर था और मैं बरामदे में मौजूद था।’ आलम का आरोप है कि पुलिस के पहुंचते ही उन्होंने सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन बिना कुछ बताए ही पुलिसकर्मियों ने मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने बताया, ‘शोर सुनकर घर की महिलाएं बाहर आईं, जिनमें मेरी बुजुर्ग मां भी थीं। जब महिलाओं ने पूछा कि क्या हुआ है, तो एक महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें धमकाया और कहा- चुपचाप कोने में बैठ जाओ, वरना पिटाई होगी।’ मिस्टर आलम के मुताबिक, ‘इसके बाद पुलिसकर्मी घर के कमरों में घुस गए और सभी अलमारियों के ताले तोड़ दिए। घर में रखी ज्वेलरी ले ली गई। मां के पर्स में रखे 10 हजार रुपए नकद भी गायब थे। इसके अलावा रमीज का लैपटॉप, मोबाइल और मां का मोबाइल भी पुलिस अपने साथ ले गई।’ ‘मेरे भाई की जॉब हो गई थी, उसे दुबई जाना था, सारे डॉक्युमेंट्स ले गई पुलिस’ आलम ने बताया, ‘रमीज राजा के जितने भी डॉक्युमेंट्स थे, वो पुलिस अपने साथ ले गई। मेरा आधार कार्ड भी उसी में था। उन्होंने कहा कि रमीज अभी तो स्टूडेंट लाइफ में था। बीए कंप्लीट किया था।’ रमीज और दूसरे आरोपी इमरान के दोस्त होने और दोनों के बीच जान पहचान के सवाल पर आलम ने कहा, ‘ये बिलकुल झूठ बात है। दोनों के बीच उम्र का काफी अंतर है। पड़ोसी होने के नाते कभी साथ बैठते होंगे, तो अलग बात है।’ आलम ने कहा, ‘मैं पैर से दिव्यांग हूं, पास के एक स्कूल में टीचर हूं। सुबह 7 बजे निकल जाता हूं, शाम को 3 बजे आता हूं। पिछले 15 दिनों से तो रमीज को मैं घर पर ही देख रहा हूं। अगर ऐसी कोई बात थी तो वो बाहर जरूर जाता, लेकिन ऐसा नहीं है।’ ‘रात को अचानक गेट तोड़ा, अंदर घुसे, मुझे लगा कि चोर आ गए हैं’ आरोपी गुड्डू सिंह की पत्नी स्वाति सिंह ने बताया, ’27 जनवरी को हम लोग खाना खाकर सो रहे थे। मेरे पास दोनों बच्चे थे। अचानक पुलिस दरवाजा तोड़कर घर के अंदर आ गई। मुझे लगा कि चोर आए हैं, मैं चिल्लाई। मेरे साथ बच्चे भी चिल्लाने लगे, लेकिन फिर ड्रेस देखकर पता चला कि पुलिस आई है।’ अंदर आते ही लेडी पुलिसकर्मी मुझे गालियां देने लगी, कहने लगी कि सारे पैसे निकाल। उधर, पुलिसकर्मी मेरे पति का नाम लेकर उन्हें तलाशने लगे। स्वाति के मुताबिक, लेडी पुलिस की ओर से धमकाने के बाद मैंने तुरंत लोहे के बक्से और अलमारियों की चाबी उन्हें सौंप दी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तोड़फोड़ की। अलमारी में रखा ज्वेलरी और कैश अपने साथ ले गए। जाते वक्त पुलिस कर्मियों ने घर में लगे टीवी को भी तोड़ दिया।’ उन्होंने बताया, ‘मेरे पति ईंट-बालू का कारोबार करते हैं। पुलिस जब कार्रवाई कर रहे थी, तब मुझे और मेरे दोनों बच्चों को बाहर निकाल दिया था। फिर मेरे पति को अपने साथ पकड़कर ले गए।’ स्वाति ने कहा, ‘रात को क्या हुआ है, क्या नहीं मुझे कुछ नहीं पता है। मेरा मोबाइल तो पुलिसवाले अपने साथ ही लेकर चले गए। मैंने काफी मिन्नत की, अपील की कि मेरा मोबाइल दे दीजिए, लेकिन उन्होंने मोबाइल वापस नहीं किया।’ वहीं, नालंदा से गिरफ्तार किया गया तीसरा आरोपी मोहम्मद इमरान तीन भाइयों में सबसे बड़ा है और गांव में किराना, कपड़ा और श्रृंगार की दुकान चलाता है। भास्कर रिपोर्टर जब इमरान के घर गए तो परिजनों ने मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि तीनों ही सामान्य परिवारों से हैं और कभी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं रहे हैं। अब जानिए, जमशेपुर में अपहरण, फिरौती का मामला क्या है? 13 जनवरी को जमशेदपुर में उद्योगपति के बेटे कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया था। 27 जनवरी को पुलिस ने कैरव को बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें इस्लामपुर थाना क्षेत्र के सिरहरी गांव निवासी जसीमुद्दीन कैफी का बेटा (20) रमीज राजा, मो. शाहजहां का बेटा (45) मोहम्मद इमरान उर्फ आमिर और पहाड़ीतर गांव निवासी बिहारी सिंह का बेटा (45) गुड्डू सिंह शामिल हैं। पुलिस मुठभेड़ में तीनों के पैरों में गोली लगी है। इन तीनों के अलावा, अपहरण मामले में पुलिस ने गयाजी के उपेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन और आगमकुआ पटना निवासी मोहन कुमार प्रसाद को भी गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के बाद की तस्वीरें देखिए… हथियार और कारतूस भी बरामद सिटी SP ने बताया, ‘पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस देर रात हथियार बरामद करने पहुंची थी। अपराधियों के बताए लोकेशन से हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। इसी दौरान अपराधियों ने मौके का फायदा उठाकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।  

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