राम गोविन्द चौधरी ने बजट को लेकर साधा निशाना:कहा- जनता को भाषण नहीं, राशन और शासन में हिस्सेदारी चाहिए

राम गोविन्द चौधरी ने बजट को लेकर साधा निशाना:कहा- जनता को भाषण नहीं, राशन और शासन में हिस्सेदारी चाहिए

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश की जनता को केवल भाषण नहीं, बल्कि राशन और शासन में अपनी वास्तविक हिस्सेदारी चाहिए। चौधरी ने कहा कि हर साल जब वित्त मंत्री बजट पेश करती हैं, तो करोड़ों लोगों की निगाहें इस उम्मीद में टिकी होती हैं कि उनकी थाली में रोटी और जेब में बचत के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, संसद के भीतर मेजों की गड़गड़ाहट और बाहर आम आदमी की खामोशी के बीच का अंतर कम होता नहीं दिख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री के बजट भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सांसद इसे ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए मेजें थपथपाते हैं, लेकिन भाषण समाप्त होने पर जनता के हाथ में केवल बजट की प्रतियां ही होती हैं। अधिकारों और राहत का वह वास्तविक हिस्सा गायब रहता है, जिसकी उसे दरकार होती है। चौधरी ने बजट को समाज के विभिन्न वर्गों के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि नौजवानों के लिए ‘रोजगार’ शब्द बजट भाषणों में एक रस्म की तरह इस्तेमाल होता है, लेकिन ठोस रोडमैप की कमी इसे महज एक ‘झुनझुना’ साबित करती है। युवाओं को आंकड़ों के खेल से ज्यादा नौकरियों के अवसरों की तलाश है। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी और लागत के दोगुने दाम की मांग आज भी फाइलों के नीचे दबी है। खेती की बढ़ती लागत और अनिश्चित मौसम के बीच किसानों को मिली मामूली राहत ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ जैसी है। मजदूर और आम जनता के लिए, कमरतोड़ महंगाई के दौर में मध्यम वर्ग और मजदूर वर्ग को उम्मीद थी कि टैक्स स्लैब या सब्सिडी के जरिए कुछ सीधी राहत मिलेगी। लेकिन बजट का ढांचा उन्हें फिर से बाजार के रहमो-करम पर छोड़ देता है। राम गोविन्द चौधरी ने जोर देकर कहा कि बजट केवल आय और व्यय का लेखा-जोखा नहीं होना चाहिए, बल्कि यह देश के अंतिम व्यक्ति की मुस्कान का दस्तावेज होना चाहिए। जब तक बजट के आंकड़े आम आदमी की रसोई और नौजवान के रोजगार कार्ड तक नहीं पहुंचते, तब तक इसे ‘ऐतिहासिक’ कहना केवल एक राजनीतिक मुहावरा ही रहेगा।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *