राजसमंद. नववर्ष 2026 राजसमंद जिले के लिए केवल कैलेंडर बदलने का साल नहीं होगा, बल्कि यह बुनियादी सुविधाओं के सशक्त विस्तार का प्रतीक बनेगा। रेल, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में जिला निर्णायक कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देने वाली 50 बेड की अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण कार्य राजकीय आर.के. चिकित्सालय परिसर में जारी है, जो वर्ष 2026 में पूर्ण होगा। यह यूनिट केवल एक नई इमारत नहीं, बल्कि भविष्य की किसी भी महामारी, बड़े हादसे या आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले की स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार साबित होगी।
नए साल में नई तैयारी: महामारी से लेकर बड़े हादसों तक के लिए सक्षम जिला
स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू, कोरोना के संभावित नए वैरिएंट या अन्य वायरस जनित संक्रमण इन सभी आपात स्थितियों से निपटने में यह क्रिटिकल केयर यूनिट अहम भूमिका निभाएगी। संक्रमित और हाई-रिस्क मरीजों को अलग रखकर विशेष उपचार देने की सुविधा इस यूनिट की सबसे बड़ी ताकत होगी। कोरोना महामारी ने यह स्पष्ट कर दिया था कि जिलों में स्थायी और समर्पित क्रिटिकल केयर सुविधाओं का होना कितना आवश्यक है। उसी अनुभव से सीख लेते हुए अब राजसमंद को स्थायी समाधान मिलने जा रहा है।
राजसमंद की चिकित्सा व्यवस्था को मिलेगा नया विस्तार
क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना से जिले के गंभीर रोगियों को अब अत्याधुनिक और त्वरित इलाज स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगा।
इस यूनिट में:-
- आधुनिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम
- वेंटिलेटर
- डिजिटल आईसीयू मॉनिटरिंग
- प्रशिक्षित चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी।
यह यूनिट केवल आपातकालीन जरूरतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार की संक्रामक बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने में भी सहायक बनेगी।
कैसी होगी 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट?
नई यूनिट को आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है:-
- वेंटिलेटर, आईसीयू मॉनिटर, डीफिब्रिलेटर
- सेंट्रल ऑक्सीजन पाइपलाइन सिस्टम
- अत्याधुनिक स्ट्रेचर और मरीजों के लिए अलग-अलग केबिन
- रियल टाइम डेटा ट्रैकिंग और डिजिटल कनेक्टिविटी
- 24×7 बिजली और ऑक्सीजन बैकअप सिस्टम
स्थानीय जनता को होंगे सीधे लाभ
इस परियोजना के पूरा होने से राजसमंद जिले के नागरिकों को कई स्तरों पर लाभ मिलेगा—
- गंभीर मरीजों को तुरंत और उच्चस्तरीय इलाज
- बड़े अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता में कमी
- सामान्य मरीजों के इलाज में भीड़ कम होगी
- महामारी, बड़े सड़क हादसे या औद्योगिक दुर्घटनाओं में स्थानीय समाधान संभव
तीन मंजिला भवन, 23.50 करोड़ की लागत से बन रही आधुनिक स्वास्थ्य संरचना
राजकीय आर.के. चिकित्सालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने स्थित गार्डन क्षेत्र में यह तीन मंजिला अत्याधुनिक भवन आकार ले रहा है।
- निर्माण कार्य: राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन
- अनुमानित लागत: 23.50 करोड़ रुपये
- निर्माण अवधि: लगभग एक वर्ष
- संचालन: राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी के माध्यम से किया जाएगा।
क्यों जरूरी थी क्रिटिकल केयर यूनिट?
कोरोना महामारी के दौरान राजसमंद सहित पूरे प्रदेश में गंभीर मरीजों के लिए अलग वार्ड की भारी कमी सामने आई थी। उस समय आम मरीज और कोविड संक्रमित मरीज एक ही वार्ड में रखे गए, संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा, आईसीयू को अस्थायी आइसोलेशन वार्ड में बदलना पड़ा। इन अनुभवों से सबक लेते हुए राज्य सरकार ने बजट 2023 में प्रत्येक जिला मुख्यालय पर विशेष क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण की घोषणा की थी।


