राजस्थान सरकार की ओर से पेश होने वाले बजट को लेकर राजसमंद जिले में इस बार खास उम्मीदें जताई जा रही हैं। जिले की लाइफलाइन माने जाने वाले मार्बल और ग्रेनाइट उद्योग के लिए विशेष पैकेज की मांग प्रमुखता से उठ रही है। उद्योग जगत का कहना है कि जीएसटी और जटिल नियमों के कारण यह क्षेत्र आर्थिक दबाव में है, ऐसे में राज्य सरकार राहत पैकेज देकर उद्योग को संबल प्रदान करे।
इसके साथ ही बनास नदी पर करीब 2000 एमसीएफटी क्षमता के बांध निर्माण की मांग भी लंबे समय से की जा रही है, जिससे बरसाती पानी का संरक्षण हो और जल उपलब्धता बढ़ सके। जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज खोलने, एनएच-8 को कांकरोली-भीलवाड़ा से जोड़ने वाली रिंग रोड की घोषणा और माइनिंग कॉलेज की स्थापना की भी अपेक्षा है।
जिले में बड़े स्तर पर खनन कार्य होता है, ऐसे में माइनिंग प्रोसेसिंग के लिए दक्ष मानव संसाधन तैयार करने की जरूरत महसूस की जा रही है। साथ ही कृषि व पशुपालन आधारित उद्योगों तथा सेरेमिक टाइल्स निर्माण इकाइयों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं।


