Rajpal Yadav In Tihar Jail: अपनी शानदार कॉमेडी से करोड़ों लोगों के उदास चेहरों पर मुस्कान लाने वाले राजपाल यादव के लिए इन दिनों वक्त का पहिया उल्टा घूम रहा है। जो कलाकार कभी लग्जरी लाइफ जीता था और जिसके एक इशारे पर सैकड़ों लोग खड़े रहते थे, वह आज तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे एक आम कैदी की तरह दिन काट रहा है। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद राजपाल को सरेंडर करना पड़ा था और अब उनके ठिकाने की चर्चा हर तरफ हो रही है।
राजपाल यादव इस बैरक में हैं बंद (Rajpal Yadav behaviour In Tihar Jail)
न्यूज 18 की खबर के अनुसार, सूत्रों की मानें तो तिहाड़ जेल प्रशासन राजपाल यादव को कोई खास तवज्जो या वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा है। उन्हें जेल नंबर-2 के उसी हाई-सिक्योरिटी वार्ड में रखा गया है, जहां कभी छोटा राजन और नीरज बवाना जैसे कुख्यात गैंगस्टर्स को रखा गया था। जेल के अंदर राजपाल का व्यवहार काफी शांत बताया जा रहा है। वह ज्यादातर समय चुप रहते हैं और अपना ध्यान कानूनी प्रक्रियाओं पर लगाए हुए हैं। हालांकि, जेल के अन्य कैदी इस मशहूर एक्टर की एक झलक पाने के लिए काफी उत्सुक रहते हैं, लेकिन सख्त सुरक्षा घेरे के कारण किसी को भी उनके बैरक के पास जाने की इजाजत नहीं है।

सुबह शाम क्या खा रहे हैं जेल में राजपाल खाना? (Rajpal Yadav in Tihar jail number 2)
तिहाड़ जेल का नियम सबके लिए बराबर है, चाहे वह कोई बड़ा सितारा हो या आम आदमी। राजपाल यादव को भी उसी जेल मैनुअल का पालन करना पड़ रहा है। उनका दिन सुबह ठीक 6 बजे शुरू होता है, जब बैरक का दरवाजा खुलता है। नित्य क्रिया के बाद उन्हें अन्य कैदियों की तरह ही चाय और साधारण नाश्ता दिया जाता है। दोपहर और रात के खाने में भी उन्हें जेल के मेन्यू के हिसाब से ही दाल, सब्जी, रोटी और चावल दिए जा रहे हैं। शाम 6 बजे रात का खाना देने के बाद उन्हें वापस बैरक में भेज दिया जाता है।

कैसे पहुंचे राजपाल यादव तिहाड़ जेल? (Rajpal Yadav cheque bounce case)
राजपाल यादव के जेल जाने के पीछे साल 2010 का एक फैसला है। उन्होंने अपनी पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म फ्लॉप हो गई और देखते ही देखते ब्याज और जुर्माने के साथ यह रकम 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। राजपाल ने कर्ज चुकाने के लिए चेक तो दिए, लेकिन वह बाउंस हो गए।

5 फरवरी को किया था सरेंडर
अदालत में यह मामला सालों तक खींचा गया। जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने राजपाल की बार-बार वादाखिलाफी पर कड़ी नाराजगी जताई और साफ कहा कि “शोहरत के आधार पर किसी को विशेष छूट नहीं दी जा सकती।” आखिरकार, 5 फरवरी को राजपाल ने सरेंडर किया। अब बॉलीवुड के कई दिग्गज और उनके दोस्त उनकी मदद के लिए आगे आए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि वह जल्द ही इस संकट से बाहर निकलेंगे।


