राजनांदगांव जिले के बोरतलाब थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका की प्रसूति और अस्पताल की गंभीर लापरवाही के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इनाम की घोषणा की है, साथ ही संबंधित चिकित्सा संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने फरार आरोपी विजय राज नागवंशी (35 साल, तुलसीपुर, राजनांदगांव) की गिरफ्तारी के लिए 5,000 रुपए का इनाम रखा है। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के साथ-साथ POCSO एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम की गंभीर धाराओं में भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा है कि जानकारी देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। एसपी ने हॉस्पिटल के लाइसेंस रद्द करने NMC को पत्र भेजा इस मामले में अस्पताल की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस अधीक्षक ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और स्टेट मेडिकल काउंसिल को पत्र भेजा है। इस पत्र में कृष्णा हॉस्पिटल और डॉ. दीपक पंसारी का लाइसेंस रद्द करने की मांग की गई है। पुलिस ने एफआईआर और सबूतों के आधार पर अस्पताल के खिलाफ सख्त कदम उठाने की सिफारिश की है। मामले में 10 आरोपी गिरफ्तार बोरतलाब पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इन आरोपियों में एक विधि से संघर्षरत बालक के अलावा डॉ. दीपक पंसारी, रवि बर्वे, मोना बर्वे और अस्पताल के अन्य कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस ने मामले में कोर्ट में चालान भी पेश कर दिया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि फरार आरोपी विजय राज के संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम राजनांदगांव (94791-92199), पुलिस अनुविभागीय डोंगरगढ़ (94791-92107) या थाना बोरतलाब (94791-92126) पर सूचित करें। अब जानिए पूरा मामला यह मामला थाना बोरतलाब में दर्ज है। यह तब सामने आया जब एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और उसके बाद हुए गैरकानूनी प्रसव की जानकारी मिली। दुष्कर्म और अवैध प्रसव नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के बाद वह गर्भवती हो गई थी। आरोपियों ने मामले को छिपाने के लिए राजनांदगांव के कृष्णा हॉस्पिटल में डॉ. दीपक पंसारी की मिलीभगत से नाबालिग का अवैध प्रसव (डिलीवरी) कराया। अस्पताल प्रबंधन ने डिलीवरी के बाद सौदेबाजी कर नवजात शिशु को मोटी रकम में बेच दिया। अब तक ये 10 आरोपी हुए गिरफ्तार पुलिस ने अब तक इस सिंडिकेट में शामिल डॉक्टर, बिचौलिए और खरीदारों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है: – विधि से संघर्षरत बालक मुख्य आरोपी (दुष्कर्म का आरोपी)
– डॉ. दीपक पंसारी कृष्णा हॉस्पिटल का संचालक (अवैध प्रसव कराने वाला)
– रवि बर्वे बिचौलिया (बच्चे की सौदेबाजी में शामिल)
– मोना बर्वे बिचौलिया (रवि बर्वे की पत्नी)
– शमुएल ढोके तस्करी नेटवर्क में सहायक
– रायशीला उर्फ दीपिका यादव अस्पताल और खरीदारों के बीच की कड़ी
– गेशू देवांगन षड्यंत्र में शामिल आरोपी
– गोवर्धन यादव बच्चा खरीदने वाला (मुख्य खरीदार)
– विनिता बाई यादव बच्चा खरीदने वाली (गोवर्धन की पत्नी)
– आरती उइके अस्पताल कर्मी/सहयोगी


