बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल राजगीर जू सफारी और नेचर सफारी होली के अवसर पर दो दिनों तक पर्यटकों के लिए बंद रहेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। राजगीर जू सफारी के निदेशक और नालंदा वन प्रमंडल पदाधिकारी की ओर से जारी संयुक्त आदेश के अनुसार, 3 मार्च (मंगलवार) और 4 मार्च (बुधवार) को जू सफारी और नेचर सफारी का संचालन पूरी तरह बंद रखा गया है। इन 2 दिनों के दौरान किसी भी पर्यटक को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। यह कदम त्योहार के दौरान विधि व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। 5 मार्च से फिर से शुरू होगा सफारी
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के कार्यालय आदेश संख्या-69 के माध्यम से यह जानकारी सार्वजनिक की गई है। इस आदेश की प्रति जिला पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी और सफारी से जुड़े सभी पशु चिकित्सा पदाधिकारियों और कर्मियों को भेज दी गई है, ताकि पर्यटकों को किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे। निदेशक राम सुन्दर एम और वन प्रमंडल पदाधिकारी राजकुमार एम ने पर्यटकों से अपील की है कि वे इस अवकाश को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। 05 मार्च से फिर से निर्धारित समय पर सफारी का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
जू सफारी जहां घूमते हुए बाघ, शेर, भालू और अन्य जंगली जानवरों को देखने का मौका मिलता है। वहीं, नेचर सफारी में ग्लास ब्रिज, सस्पेंशन ब्रिज और अन्य एडवेंचर मौजूद हैं। जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल राजगीर जू सफारी और नेचर सफारी होली के अवसर पर दो दिनों तक पर्यटकों के लिए बंद रहेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। राजगीर जू सफारी के निदेशक और नालंदा वन प्रमंडल पदाधिकारी की ओर से जारी संयुक्त आदेश के अनुसार, 3 मार्च (मंगलवार) और 4 मार्च (बुधवार) को जू सफारी और नेचर सफारी का संचालन पूरी तरह बंद रखा गया है। इन 2 दिनों के दौरान किसी भी पर्यटक को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। यह कदम त्योहार के दौरान विधि व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। 5 मार्च से फिर से शुरू होगा सफारी
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के कार्यालय आदेश संख्या-69 के माध्यम से यह जानकारी सार्वजनिक की गई है। इस आदेश की प्रति जिला पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी और सफारी से जुड़े सभी पशु चिकित्सा पदाधिकारियों और कर्मियों को भेज दी गई है, ताकि पर्यटकों को किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे। निदेशक राम सुन्दर एम और वन प्रमंडल पदाधिकारी राजकुमार एम ने पर्यटकों से अपील की है कि वे इस अवकाश को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। 05 मार्च से फिर से निर्धारित समय पर सफारी का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
जू सफारी जहां घूमते हुए बाघ, शेर, भालू और अन्य जंगली जानवरों को देखने का मौका मिलता है। वहीं, नेचर सफारी में ग्लास ब्रिज, सस्पेंशन ब्रिज और अन्य एडवेंचर मौजूद हैं। जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।


