जयपुर। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर शनिवार को खत्म हो गया। राज्य में आंधी बारिश और ओलावृष्टि के बाद दिन के तापमान सामान्य से पांच से आठ डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे दिन और रात को सर्दी का अहसास रहा।
मौसम केन्द्र के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 18 मिमी वर्षा झुंझुनूं जिले के मंडावा में रिकॉर्ड की गई।
बारिश के असर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। तापमान 26 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जैसलमेर, बाड़मेर, सीकर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। प्रदेश के बाकी अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा।
22 मार्च को फिर बदलेगा मौसम
मौसम केन्द्र के अनुसार 22 मार्च को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के साथ शेखावाटी क्षेत्र में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद अगले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने के आसार हैं।आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश में हीटवेव (लू) चलने की कोई संभावना नहीं है।
जैसलमेर में बारिश, सर्द हवाओं ने घोली शीतलता
जैसलमेर में दोपहर के समय शीतल हवाएं चलने लगीं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम में आई इस ठंडक से जहां लोगों को राहत मिली, वहीं अचानक हुए परिवर्तन ने दैनिक गतिविधियों को प्रभावित किया। शाम करीब पांच बजे मौसम ने तेज रूप ले लिया। गड़गड़ाहट के साथ बारिश शुरू हुई, जो कभी धीमी तो कभी तेज रफ्तार से जारी रही। इस दौरान सड़कों पर आवाजाही कम हो गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाते नजर आए।
ठंडी हवा से मौसम रहा सुहाना
कोटा समेत हाड़ौती अंचल में शनिवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। सुबह तेज धूप खिली, दिन चढ़ने के साथ बादलों की आवाजाही बनी रही। ठंडी हवाएं चलने से मौसम में ठंडक रही। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि इसके बावजूद अधिकतम तापमान में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। कोटा का अधिकतम तापमान 2 डिग्री बढ़कर 30.8 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 1 डिग्री गिरकर 17.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
दरअसल, हाड़ौती अंचल में शुक्रवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण तापमान में अचानक गिरावट आ गई थी। इससे पहले 12 मार्च को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री तक पहुंच गया था। जिसके चलते पंखों की रफ्तार तेज हो गई थी और कूलर भी चलने लगे थे, लेकिन मौसम में आए बदलाव के बाद कूलर फिर बंद हो गए और पंखों की गति भी धीमी हो गई।


