जोधपुर। प्रदेश में सोमवार को एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ। इसके असर से परिसंचरण तंत्र कायम हो गया। इसके प्रभाव से बादलों की घनी आवाजाही और बरसाती मौसम बना। बूंदाबांदी से लेकर हल्की बरसात से सड़कों को भीगो दिया। वहीं जोधपुर के ग्रामीण हिस्सों में ओलावृष्टि हुई।
शेरगढ़ और बालेसर क्षेत्र में शाम को ओले गिरे, जिससे खेतों में सफेद चादर दिखने लग गई। ओले मटर के आकार के थे। ग्रामीणों ने अपने बर्तनों में ओले इकठ्ठे किए। मौसम विभाग के अनुसार विक्षोभ का असर मंगलवार को जोधपुर संभाग में कम हो जाएगा।
एक और दो अप्रेल को हल्के बादल छाए रहने के साथ मुख्यत: शुष्क मौसम रहेगा। तीन और चार अप्रेल को फिर से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ की वजह से पारा काबू में है। अधिकांश जगहों पर रात का तापमान 25 और दिन का 35 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
खेतों में बिछी सफेद चादर
बालेसर-शेरगढ़ क्षेत्र में सोमवार को अचानक मौसम बदला और वर्षा के साथ ओलावृष्टि हुई। ओलों की तेज बौछार से खेतों में सफेद चादर बिछ गई, जिससे रबी फसलों पर संकट गहरा गया और किसानों की चिंता बढ़ गई।
सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए रहे। सुबह करीब 8 बजे बालेसर सहित आसपास के गांवों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे दिनभर मौसम सुहावना बना रहा। शाम करीब 5:45 बजे अचानक बारिश तेज हो गई और इसके साथ ही ओले गिरने लगे। कुछ ही देर में खेतों और रास्तों पर ओलों की परत जम गई।
ग्रामीणों ने घरों के आंगन में गिरे ओलों को बर्तनों में एकत्रित किया। करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस दौरान आसमान में इंद्रधनुष भी दिखाई दिया। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी रबी फसलों को नुकसान की आशंका है, जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता साफ नजर आई।
जारी रहेगी आंधी-बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग के अनुसार, विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान व आसपास के क्षेत्र के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इससे तेज मेघगर्जन, आंधी (40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) व कहीं-कहीं हल्की-मध्यम बारिश होने की गतिविधियां हुई है। 31 मार्च को भी शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर, भरतपुर व कोटा संभाग के कुछ भागों में कहीं-कहीं हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। 1-2 अप्रेल को छुटपुट स्थानों पर मेघगर्जन व बूंदाबांदी तथा ज्यादातर स्थानों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 3-5 अप्रेल को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पुनः राज्य के कई भागों में आंधी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।


