राजस्थान के जलदाय मंत्री की दो टूक – जेजेएम में भ्रष्टाचार करने वाले इंजीनियरों को बचाने वाले इंजीनियरों पर भी होगी कार्रवाई

राजस्थान के जलदाय मंत्री की दो टूक – जेजेएम में भ्रष्टाचार करने वाले इंजीनियरों को बचाने वाले इंजीनियरों पर भी होगी कार्रवाई

जयपुर. जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी बुधवार दोपहर बाद गांधी नगर िस्थत अतिरिक्त मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचे और जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी इंजीनियरों पर कार्रवाई, आने वाली गर्मियों में पेयजल सप्लाई और जेजेएम के टेंडरों से जुडे मसलों पर अभियंताओं की बैठक ली। करीब दो घंटे तक चली बैठक में मंत्री चौधरी कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जल जीवन मिशन में हुए भ्रष्टाचार पर इंजीनियरों पर बरसते रहे। उन्होंने दो टूक शब्दों कहा कि जयपुर समेत पांच जिलों में बिना काम 50 करोड़ रुपए भुगतान मामले में फंसे सभी इंजीनियरों के आरोप पत्र 28 फरवरी तक कार्मिक विभाग भेज दिए जाएं। 29 फरवरी से आरोप पत्रों को लटका कर दोषी इंजीनियरों को बचाने वाले अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं पर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिन इंजीनियरों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में 16 व 17 सीसीए के तहत आरोप पत्र जारी किए हैं उन पर कार्रवाई की जाए।

गर्मी की तैयारियां पूरी कर लें

उन्होंने यह भी कहा कि मार्च से गर्मी का दौर शुरू होगा और गर्मियों में पेयजल प्रबंधन की सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने अमृत-2 के तहत शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा की। उन्होंने जेजेएम में जल कनेक्शन के लक्ष्य पूरे करने के निर्देश दिए।

जलदाय मंत्री ने जल जीवन मिशन के अन्तर्गत योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि मिशन के तहत बकाया घरेलू कनेक्शनों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पूर्ण करावें ताकि राष्टीय जल जीवन मिशन को पूर्णता रिपोर्ट भिजवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत की जा रही निविदाओं में अनावश्यक देरी नहीं की जाए, और आगामी 15 दिवस में बकाया निविदाएं पूर्ण की जाए।

जलदाय मंत्री ने अमृत 2.0 के अन्तर्गत स्वीकृत कार्य एवं निविदाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों के नजदीकी जो एरिया शामिल हुए है उन्हें इसी स्कीम में शामिल करते हुए लाभान्वित किये जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए।। उन्होंने अमृत 2.0 तहत बकाया 8.50 लाख कनेक्शनों को शीघ्र जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने अमृत 2.0 के तहत शेष रही निविदाओं को 15 फरवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जलदाय मंत्री ने बकाया राजस्व प्राप्ति के लिए समस्त फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसमें किसी भी तरह की देरी नहीं की जाए।उन्होंने उपभोक्तओं को मासिक बिल प्रति माह जारी करने के लिए निर्देश दिए ताकि उपभोक्ताओं को एक साथ पड़ने वाले वित्तीय भार से राहत मिल सके।

जलदाय मंत्री ने गत एवं इस वर्ष समर कंटीजेंसी में स्वीकृत हैण्डपम्प एवं ट्यूबवेल जो अभी तक ड्रिल एवं कमीशन नहीं हो पाए हैं उन पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस कार्य को आगामी 15 फरवरी तक पूर्ण कर लिया जावे। उन्होंने कहा कि बकाया विद्युत कनेक्शनों के लिए संबंधित जिला कलक्टर से व्यक्तिगत मिलकर आवश्यक कार्यवाही करावे।

जलदाय मंत्री ने कहा कि टैंकर के माध्यम से पेयजल परिवहन के लिए पहले से आवश्यक तैयारी पूर्ण कर ले, ताकि आगामी ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्याग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरों से निर्वाध आपूर्ति की जा सकें। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

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