Rajasthan Water Crisis : राजस्थान में एक ही दिन में अफसरों ने दुरुस्त कराए हैंडपंप, ₹11,200 करोड़ से बनेगी 5 लाख वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं

Rajasthan Water Crisis : राजस्थान में एक ही दिन में अफसरों ने दुरुस्त कराए हैंडपंप, ₹11,200 करोड़ से बनेगी 5 लाख वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं

Rajasthan Water Crisis : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर रविवार को राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाकर हैंडपंपों को दुरुस्त किया गया। इस दौरान कलक्टर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अतिरिक्त जिला कलक्टर, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार एवं बीडीओ स्तर के अधिकारियों ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के तकनीकी अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर हैंडपंपों की मरम्मत करवाई।

सभी जिलों में अधिकारियों ने स्वयं गांव-गांव जाकर हैंडपंपों का निरीक्षण किया तथा मौके पर ही मरम्मत करवाकर पेयजल व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया। इससे गर्मियों में गांव-ढाणी में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की ओर से प्रशासन को आमजन से जुड़े प्रकरणों पर तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है, इसके चलते हैंडपंपों को दुरुस्त करने का यह अभियान चलाया गया।

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 : 20 हजार गांवों में मिलेगा पानी

प्रदेश में 20 हजार गांवों में 5 लाख वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बजट 2024-25 में इस अभियान के लिए 11,200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। माना जा रहा है कि इससे प्रदेश में कम वर्षा, अनियमित मानसून और अत्यधिक भू-जल दोहन से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ‘मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0’ के तहत एनिकट, चेक डैम, तालाब और जोहड़ों का निर्माण कर वर्षा जल का अधिकतम संचयन किया जा रहा है, वहीं पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित भी किया जा रहा है।

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हैंडपंपों को दुरुस्त मिस्त्री। फोटो पत्रिका

दावा किया गया कि पहले चरण में 349 पंचायत समितियों के 5,135 गांवों में 1.10 लाख कार्यों के लक्ष्य के मुकाबले 1.16 लाख से अधिक कार्य पूरे कर 2,500 करोड़ रुपए खर्च किए गए। दूसरे चरण में 337 पंचायत समितियों में 1 लाख से अधिक कार्यों का लक्ष्य रखा गया, जिसमें अब तक 2,880 करोड़ रुपए के 1.04 लाख कार्य स्वीकृत हुए हैं। बजट 2026-27 में तीसरे चरण के तहत 2,500 करोड़ रुपए से 5 हजार गांवों में 1.10 लाख कार्य कराने की घोषणा की गई है।

पेयजल संकट से निपटने के लिए जयपुर जिला प्रशासन ने कसी कमर

भीषण गर्मी के मद्देनजर संभावित पेयजल संकट को गंभीरता से लेते हुए जयपुर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला कलेक्टर संदेश नायक के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों ने फील्ड में जाकर हैंडपंपों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट उत्पन्न नहीं होने दिया जाए और जल स्रोतों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

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जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने फील्ड में जाकर हैंडपंपों की स्थिति का जायजा लिया। फोटो पत्रिका

लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध होगी कड़ी कार्रवाई

जिला कलेक्टर संदेश नायक ने चिन्हित सभी खराब हैंडपंपों को आगामी 48 घंटे के भीतर दुरुस्त करने के सख्त निर्देश देते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को कहा कि तकनीकी खराबियों के कारण कोई भी जल स्रोत बंद नहीं रहना चाहिए। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए आमेर उपखंड क्षेत्र में विशेष तकनीकी टीमों की तैनाती की गई है, जो गांव-गांव जाकर खराब हैंडपंपों की मौके पर ही मरम्मत सुनिश्चित करेंगी। इसके साथ ही उपखंड अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिदिन जल आपूर्ति एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट कलेक्ट्रेट को भेजें।

राजस्थान संपर्क पोर्टल तथा पीएचईडी हेल्पलाइन पर दर्ज कराए शिकायत

आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) तथा पीएचईडी हेल्पलाइन (1800-180-6088) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

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