जयपुर। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में राजस्थान के नामचीन उद्योगपति और शकुन ग्रुप के एमडी वल्लभ माहेश्वरी की दर्दनाक मौत हो गई। इस खबर से व्यापार जगत और उनके परिचितों में शोक की लहर है। वल्लभ माहेश्वरी का पार्थिव शरीर जयपुर लाया गया है, जहां आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बता दें कि अलवर जिले के रैणी थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रविवार दोपहर 2 बजे हादसा उस वक्त हुआ था, जब शकुन ग्रुप के एमडी वल्लभ माहेश्वरी लग्जरी कार से जयपुर से गोवर्धनजी जा रहे थे। तभी एक्सप्रेस-वे पर चेनेज 136.8 के पास कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। कार बैरिकेड्स तोड़ते हुए मीडियन में घुस गई और पुलिया की दीवार से टकरा गई। हादसे में माहेश्वरी बुरी तरह घायल हो गए। हादसे में उनके चालक को खरोंच तक नहीं आई, जबकि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
आज शाम होगा वल्लभ माहेश्वरी का अंतिम संस्कार
गंभीर घायल माहेश्वरी को पिनान की आदर्श सीएचसी ले जाया गया, जहां से उन्हें अलवर राजकीय अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन, अलवर पहुंचने से पहले उनका निधन हो गया। माहेश्वरी की पार्थिव देह को एम्बुलेंस से जयपुर रवाना किया गया। बाद में देर रात उनके निवास पर लाया गया। माहेश्वरी के परिजनों ने बताया कि घटना के बाद उनकी बेटी थाईलैंड से आज शाम तक जयपुर पहुंचेगी। इसके बाद शाम करीब 5 बजे जयपुर के लालकोठी मोक्षधाम में वल्लभ माहेश्वरी की अंत्येष्टि होगी।
सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान
वल्लभ माहेश्वरी ने अपने पिता रूपचंद माहेश्वरी की विरासत को आगे बढ़ाते हुए शकुन ग्रुप को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके नेतृत्व में समूह ने न केवल कारोबारी विस्तार किया, बल्कि सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। वल्लभ माहेश्वरी की विशेष आस्था ब्रज क्षेत्र में रही। उन्होंने गिरिराजजी (गोवर्धन) और वृंदावन में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भव्य आश्रमों का निर्माण करवाया। उन्होंने होटल और रिसॉटर्स के निर्माण की दिशा में काम किया। उनके प्रयासों से समूह ने हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में कम ही समय में मजबूत उपस्थिति दर्ज की।


