Rajasthan: रीको का बड़ा प्लान, रिफाइनरी के पास 5 नए इंडस्ट्रियल एरिया, 800 भूखंड होंगे तैयार

Rajasthan: रीको का बड़ा प्लान, रिफाइनरी के पास 5 नए इंडस्ट्रियल एरिया, 800 भूखंड होंगे तैयार

Refinery Industrial Zones: रिफाइनरी के साथ पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। रिफाइनरी के आसपास 5 नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की योजना पर काम तेज हो गया है। करीब 417 हेक्टेयर में 800 से अधिक भूखंड विकसित किए जाएंगे। एक औद्योगिक क्षेत्र में जल्द विकास कार्य शुरू होगा, जबकि बाकी चार के लिए राज्य सरकार रीको को जमीन आवंटित की गई है।

ये सभी क्षेत्र राजस्थान पेट्रो जोन का हिस्सा होंगे, जहां रिफाइनरी के बाय-प्रोडक्ट्स आधारित उद्योग स्थापित होंगे। इससे उद्योगों को कच्चा माल आसानी से मिलेगा और एक मजबूत औद्योगिक क्लस्टर विकसित होगा। खास यह है कि इस परियोजना को गति देने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, 21 अप्रैल के पीएम के कार्यक्रम में इन औद्योगिक क्षेत्रों की औपचारिक घोषणा संभव है।

प्लग-एंड-प्ले मॉडल से तेजी

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए रीको प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर विशेष जोर दे रहा है। इसके तहत तैयार फैक्ट्री शेड बनाए जा रहे हैं, ताकि उद्योग बिना देरी के उत्पादन शुरू कर सकें। रीको ऐसे करीब 8 प्लग एवं प्ले फैक्ट्री शेड्स का आरपीजेड में निर्माण कर रहा है। एक शेड की कीमत करीब 3 करोड़ रुपए है।

पहले चरण में आधार तैयार, निवेश ने पकड़ी रफ्तार

रीको के बोरावास-कलावा औद्योगिक क्षेत्र के पहले चरण में 29.77 हेक्टेयर में 75 भूखंड विकसित किए गए हैं। सड़क-बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं तैयार हैं। अब तक 25 उद्योगों को 36 भूखंड आवंटित हो चुके हैं, जिनसे करीब 43 करोड़ रुपए निवेश और 476 रोजगार का अनुमान है, हालांकि कई इकाइयों में निर्माण अभी बाकी है।

ये हैं पांच औद्योगिक क्षेत्र…

यहां शुरू हुआ काम- बोरावास-कलावा के दूसरे चरण में करीब 87.64 हेक्टेयर जमीन पर 257 नए भूखंड विकसित किए जा रहे हैं। सड़क, बिजली, स्ट्रीट लाइट सहित बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 68 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होंगे।

इन औद्योगिक क्षेत्र के लिए मिली जमीन..

रिफाइनरी के आसपास अलग-अलग स्थानों पर नई जमीन आवंटित कर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। इन सभी क्षेत्रों में अभी प्लानिंग, सर्वे, पर्यावरण स्वीकृति और विकास कार्य की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

  • सिंधियों की ढाणी- 74.47 हेक्टेयर
  • वेदरलाई- 58.14 हेक्टेयर
  • बोरावास विस्तार- 97.38 हेक्टेयर
  • खेमाबाबा नगर- 101.65 हेक्टेयर

निवेश और रोजगार की बड़ी संभावना..

-पूरे प्लान के तहत आने वाले समय में सैंकड़ों नए उद्योग स्थापित होंगे

-हजारों लोगों को रोजगार मिलने का रास्ता तय होगा

-बालोतरा-बाड़मेर क्षेत्र एक बड़े पेट्रो-इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित होगा

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