Kota Railway Project Update: राजस्थान और मध्यप्रदेश को सीधे रेल संपर्क से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित रामगंज मंडी-भोपाल रेल लाइन परियोजना ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। रेल संरक्षा आयुक्त, मध्य परिमंडल गुरु प्रकाश की ओर से कोटा मंडल के अंतर्गत आने वाले खिलचीपुर-राजगढ़ सिटी (17.8 किमी) खंड का विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण किया गया। इस दौरान 130 किमी प्रतिघंटा की अधिकतम गति से सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया, जो इस परियोजना की प्रगति के लिए अहम माना जा रहा है।
अवसंरचना कार्य लगभग पूर्ण
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि 276 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में रामगंजमंडी से ब्यावरा तक लगभग 165 किमी का हिस्सा कोटा मंडल के अंतर्गत आता है। मंडल की ओर से निर्माण कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाते हुए रामगंज मंडी से खिलचीपुर तक ट्रेक बिछाने सहित अधिकांश अवसंरचना कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। इससे पहले फरवरी 2025 में नयागांव पुरा कुमार-खिलचीपुर तथा जुलाई 2025 में जरखेड़ा-शामपुर खंड का सफल सीआरएस निरीक्षण किया जा चुका है।
इस परियोजना के पूरा होने से राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी यह लाइन बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। अधिकारियों का कहना है कि शेष कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा है, ताकि जल्द ही इस रेल मार्ग पर नियमित संचालन शुरू किया जा सके।
पुलों, क्रॉसिंग और सिग्नलिंग का बारीकी से किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त ने ट्रेक की गुणवत्ता, स्थिरता और सीधाई की गहन जांच की। इसके अलावा पुलों, लेवल क्रॉसिंग, अंडरपास, सिग्नलिंग और दूरसंचार प्रणालियों की कार्यक्षमता का भी परीक्षण किया गया। खिलचीपुर और राजगढ़ सिटी स्टेशन यार्ड का विधिवत निरीक्षण करते हुए मोटर ट्रॉली के माध्यम से ट्रैक का विस्तृत परीक्षण किया गया।
निरीक्षण और स्पीड ट्रायल के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त के साथ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण एमएस हाशमी, डीआरएम कोटा अनिल कालरा, मुख्य परियोजना प्रबंधक पंकज सोइन, उप मुख्य अभियंता गौरव मिश्रा सहित वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता, वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता, उप वित्त सलाहकार और मुख्य लेखा अधिकारी, मंडल वाणिज्य प्रबंधक तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


