अलवर। पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के समय पेपर लीक, जल जीवन मिशन सहित कई घोटालों पर वर्तमान भजन लाल सरकार की ओर से की गई कार्रवाई को कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ‘संतोषजनक’ मानते हैं।
राजस्थान पत्रिका से हुई बातचीत में किरोड़ी लाल से जब पूछा गया कि क्या पेपर लीक में अब भी बड़ी मछलियां पकड़ से दूर हैं, तो उन्होंने कहा कि कार्रवाई काफी हुई है, लेकिन अब भी कई बड़े आरोपी पकड़ में नहीं आए हैं। मीणा ने कई सवालों का जवाब बेबाकी से दिया।
सवाल: नकली बीज और खाद के खिलाफ अभियान बंद हो गया है, क्या आगे से मना कर दिया?
जवाब: नहीं, अभियान सतत प्रक्रिया है। इसे बंद नहीं किया गया है। अभी सीजन नहीं है, इसलिए कार्रवाई कम हो रही है। हमारे अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मैं भी कई बार खुद जांच करने जाता हूं।
सवाल: पेपर लीक, जेजेएम घोटाले पर वर्तमान सरकार की कार्रवाई कैसी है?
जवाब: संतोषजनक। सरकार ने काफी कार्रवाई की है, लेकिन बड़ी मछलियां अब भी पकड़ से दूर हैं। उम्मीद है कि सरकार उन पर भी कार्रवाई करेगी।
सवाल: विधानसभा में वरिष्ठ नेताओं की कमी खलती है?
जवाब: वर्तमान में भी हमारी पार्टी के मंत्री और विधायक अच्छे हैं। प्रश्नों का सदन में जिम्मेदारी से जवाब देते हैं। हां, कई वरिष्ठ अभी सदन में नहीं हैं। उनका लंबा अनुभव था। कई बार उनकी कमी खलती है।
सवाल: विपक्ष की भूमिका पर क्या कहेंगे?
जवाब: विपक्ष वैसी भूमिका नहीं निभा पा रहा है, जैसी उसे निभानी चाहिए। जनता से जुड़े मुद्दों पर कई बार विपक्ष के नेता मौन हो जाते हैं। जनहित के लिए सड़क पर उतरकर विपक्ष ने अभी तक कोई बड़ा आंदोलन नहीं किया।
सवाल: किरोड़ी मीणा हमेशा सत्तापक्ष में रहकर विपक्ष की भूमिका निभाते हैं?
जवाब: ऐसा नहीं है। जब मुझे लगता है कि काम ठीक नहीं हो रहा है या कार्रवाई में विलंब होने की वजह से आमजन को राहत नहीं मिल रही है, तब सीएम व अन्य नेताओं का उनकी ओर ध्यान आकर्षित करता हूं।
सवाल: गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली में क्या चर्चा हुई?
जवाब: कुछ ऐसे मुद्दे थे, जिनका समाधान उनके स्तर पर ही हो सकता है। वे वरिष्ठ नेता हैं, इसलिए उनसे मिलने गया था। मैंने ही वक्त लिया था। उनके साथ बैठा और कई मुद्दों पर चर्चा की है।
सवाल: वसुंधरा राजे एक बार फिर सक्रिय नजर आ रही हैं?
जवाब: वे दो बार सीएम रही हैं। नेता प्रतिपक्ष सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं। उनका सक्रिय होना अच्छी बात है और इसका जनता को फायदा मिलेगा।
सवाल: राजनीति में आ रही नई पीढ़ी को क्या संदेश देंगे?
जवाब: नई पीढ़ी सुविधा की राजनीतिक नहीं करे। शुचिता की राजनीति करे। जनता के बीच रहकर जन समस्याओं को दूर करने का काम करे। राजनीति मूल्य आधारित होनी चाहिए।
प्रश्न: क्या आप राजनीति से संन्यास लेना चाहते हैं?
उत्तर: भाजपा ने 75 साल की उम्र तय कर रखी है। अब मैं 73 का हो चुका हूं। पार्टी कहेगी तो सत्ता की राजनीति से संन्यास लेकर समाजसेवा करूंगा।


