Rajasthan politics: पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का छलका दर्द, बोलीं- मैं अपने लिए कुछ नहीं कर सकी, तुम्हारे लिए क्या करूं

Rajasthan politics: पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का छलका दर्द, बोलीं- मैं अपने लिए कुछ नहीं कर सकी, तुम्हारे लिए क्या करूं

झालावाड़। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। गुरुवार को उन्होंने झालावाड़ जिले के मनोहर थाना कस्बे से अपने बेटे और बारां सांसद दुष्यंत सिंह के साथ ‘जनसंवाद यात्रा’ के चौथे चरण की शुरुआत की। सभा को संबोधित करते हुए राजे ने कहा कि आम लोगों के छोटे-मोटे काम लगातार चलते रहते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि किसी को मकान नहीं मिल रहा, किसी की पेंशन अटक गई है और किसी का मुआवजा भी नहीं मिला है।

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ऐसे हालात आम

राजे ने बताया कि हाल ही में उन्हें कई लोग अपनी समस्याओं के साथ मिले। उन्होंने कहा कि कभी-कभी व्यक्ति अपने लिए कुछ नहीं कर पाता, और परिवार की जिम्मेदारियों के कारण अपनी समस्याओं को भी हल नहीं कर पाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सब चलता रहता है और परिवार और जिम्मेदारियों के चलते ऐसे हालात आम हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपने आप के लिए कुछ नहीं कर सकी, तुम्हारे लिए क्या करूं। मेरा चला गया, मैं नहीं बचा सकी अपने आपको और तुम कह रहे हो कि आपका तो ठीक है, हमें बचा लीजिए। मैं कैसे बचाऊं?

पदयात्रा की शुरुआत

इस अवसर पर दोनों नेताओं ने कामखेड़ा बालाजी धाम में दर्शन कर पदयात्रा की शुरुआत की और लोगों को संबोधित किया। वसुंधरा राजे ने अपने बेटे दुष्यंत सिंह की इस यात्रा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह यात्रा आसान नहीं है, लेकिन तीसरे चरण में उन्हें क्षेत्रवासियों का भरपूर प्यार और आशीर्वाद मिला। कुछ लोगों को डर था कि लोग नहीं आएंगे, लेकिन उन्होंने साबित किया कि जनता में इस यात्रा के प्रति भरोसा और अपनापन है।

दो नई सौगातें दीं

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गुरुवार को झालावाड़ शहर को दो नई सौगातें देते हुए ऐतिहासिक गढ़ पैलेस स्थित राजकीय संग्रहालय में गागरोन दुर्ग गैलरी तथा गढ़ पैलेस के सामने निर्मित आकर्षक ‘सेल्फी पॉइंट’ का लोकार्पण किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने सेल्फी पॉइंट पर फोटो भी खिंचवाई।

इस अवसर पर राजे ने कहा कि झालावाड़ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध जिला है, जिसे पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गागरोन दुर्ग गैलरी जैसे नवाचार न केवल स्थानीय विरासत को संरक्षित करेंगे, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करेंगे।

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