जयपुर की सड़कों पर सुरक्षा के दावों की पोल खोलती एक शर्मनाक घटना सामने आई है। बाइक सवार युवती के साथ दो युवकों द्वारा सरेआम छेड़छाड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था अब ‘राम भरोसे’ है और राजस्थान को तत्काल एक ऐसे गृह मंत्री की जरूरत है जो केवल इसी विभाग पर ध्यान दे सके।
राजधानी में ‘लाइव’ छेड़छाड़, क्या सुरक्षित हैं बेटियां?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो बाइक सवार युवक एक युवती का पीछा कर रहे हैं और उसके साथ कुत्सित हरकतें कर रहे हैं। गहलोत ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना असामाजिक तत्वों की ‘कुत्सित मानसिकता’ और प्रदेश में खत्म हो रहे कानून के इकबाल का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजधानी में यह हाल है, तो दूर-दराज के इलाकों में बेटियां कितनी सुरक्षित होंगी?
‘CCTV और निर्भया टीम का क्या हुआ?‘
गहलोत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा:
- नेटवर्क फेल: जयपुर में हजारों सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क होने के बावजूद अपराधी अब तक पकड़ से बाहर हैं।
- पेट्रोलिंग पर सवाल: निर्भया टीम और पुलिस पेट्रोलिंग के तमाम दावों के बीच अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम दिया, जो पुलिस की विफलता है।
- देरी से कार्रवाई: वीडियो वायरल होने के घंटों बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना सिस्टम की सुस्ती को दर्शाता है।
‘पूर्णकालिक गृह मंत्री’ की उठाई मांग
अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार की सबसे कमजोर नस पर प्रहार करते हुए कहा कि राजस्थान को एक पूर्णकालिक गृह मंत्री की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने तर्क दिया कि
- दौरों में व्यस्त CM: वर्तमान में गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है, लेकिन वे राजनीतिक दौरों और अन्य कार्यक्रमों में इतने व्यस्त रहते हैं कि पुलिस महकमे पर उनका ध्यान नहीं है।
- निगरानी का अभाव: गृह विभाग को एक ऐसे मंत्री की जरूरत है जो 24 घंटे अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की मॉनिटरिंग कर सके।
राजस्थान पुलिस को गहलोत की नसीहत
पूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्थान पुलिस को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में केवल औपचारिकता निभाने के बजाय गंभीरता दिखानी चाहिए। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा ही जनता में विश्वास बहाल कर सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अपराधियों में कानून का डर खत्म हो गया, तो राजस्थान की पहचान एक ‘अशांत प्रदेश’ के रूप में होने लगेगी।
सोशल मीडिया पर आक्रोश और राजनीति
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोग भजनलाल सरकार को ट्रोल कर रहे हैं। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि पुलिस सक्रिय है और जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।


