जयपुर। सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत-निकाय चुनाव 15 अप्रेल तक कराने के आदेश को यथावत रखते हुए इस मामले में दखल से इंकार कर दिया। कोर्ट में कहा गया था कि प्रदेश में पंचायत चुनाव में देरी की जा रही है, जिस पर कोर्ट ने दखल करने से इंकार करते हुए कहा कि यह मामला हाईकोर्ट या किसी अन्य उपयुक्त मंच पर उठाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआइ) सूर्यकांत, न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची व न्यायाधीश विपुल एम पंचोली की बेंच ने बिहारीलाल रणवा व अन्य की विशेष अनुमति याचिका खारिज करते हुए यह आदेश दिया।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकुर रस्तोगी ने कोर्ट से कहा था कि राज्य सरकार चुनाव प्रक्रिया 15 अप्रेल तक पूरी कराने का आश्वासन दे चुकी, लेकिन इसमें देरी करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में चुनाव निर्धारित समयसीमा के भीतर संपन्न कराने के आदेश दिए जाएं। अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने इस मामले में राज्य सरकार का पक्ष रखा और कहा कि दखल की आवश्यकता ही नहीं है। ।
सुप्रीम कोर्ट ने दखल से इंकार करते हुए कहा कि वह इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर रहा, लेकिन यदि चुनाव प्रक्रिया से संबंधित समय सीमा या निर्देशों के उल्लंघन का कोई मामला है तो याचिकाकर्ता उच्च न्यायालय के समक्ष जाने के लिए स्वतंत्र रहेगा।
हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को दिया था आदेश
हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं को निस्तारित करते हुए राज्य सरकार को 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने और 15 अप्रेल 2026 तक पंचायत-निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी कई आदेशों में इसी समयसीमा में चुनाव कराने को कहा।


