जयपुर। विधानसभा ने गुरुवार को राजस्थान दुकान और वाणिज्यिक अधिष्ठान (संशोधन) विधेयक-2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस संशोधन के बाद राज्य में दुकानों और वाणिज्यिक संस्थानों में कर्मचारियों से दैनिक अधिकतम 10 घंटे तक काम लिया जा सकेगा, हालांकि साप्ताहिक कार्य अवधि 48 घंटे ही रहेगी। साथ ही प्रशिक्षु की न्यूनतम आयु बढ़ाने और ओवरटाइम की सीमा बढ़ाने जैसे कई नए प्रावधान भी लागू होंगे।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि संशोधन का उद्देश्य व्यापार और वाणिज्य क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और कार्यकुशलता में सुधार करना है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं के रात्रिकालीन कार्य से जुड़े नियमों में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया है।
लगातार काम करने की अधिकतम अवधि भी 5 घंटे से बढ़ाकर 6 घंटे कर दी गई है, जिसके बाद कम से कम आधे घंटे का विश्राम देना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षु की न्यूनतम आयु 12 वर्ष से बढ़ाकर 14 वर्ष कर दी गई है। इससे 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को दुकानों या वाणिज्यिक संस्थानों में काम पर नहीं रखा जा सकेगा।
क्या बदलेगा: मुख्य प्रावधान
-दुकानों और वाणिज्यिक संस्थानों में दैनिक कार्य समय 9 से बढ़ाकर 10 घंटे किया गया।
-साप्ताहिक कार्य अवधि 48 घंटे ही रहेगी।
-ओवरटाइम की सीमा 50 घंटे प्रति तिमाही से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई।
-लगातार काम के बाद विश्राम की सीमा 5 घंटे से बढ़ाकर 6 घंटे।
बच्चों और किशोरों से जुड़े नए नियम
-प्रशिक्षु की न्यूनतम आयु 12 से बढ़ाकर 14 वर्ष।
-14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को काम पर रखने पर रोक।
-किशोरों की आयु श्रेणी अब 14 से 18 वर्ष।
-14 से 18 वर्ष के किशोरों से रात्रि में काम नहीं लिया जा सकेगा।


