जयपुर। राजस्थान में पिछले चार दिन से चल रही निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल आखिरकार गुरुवार देर रात खत्म हो गई। जयपुर कलेक्टर के साथ हुई अहम बैठक में कुछ मांगों पर सहमति बनने और बाकी मांगों को विधानसभा सत्र के बाद पूरा करने के आश्वासन के बाद ऑपरेटरों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया। इसके बाद गुरुवार रात से ही बसों का संचालन शुरू हो गया है।
परिवहन मुख्यालय में हुई इस बैठक के बाद अब प्रदेशभर में करीब 35 हजार निजी बसें आज रात से दोबारा सड़कों पर दौड़ती नजर आई, जिससे होली पर घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। क्योंकि होली पर भारी संख्या में यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवागमन करते हैं।
इससे पहले तीन दिन तक निजी बस ऑपरेटरों और सरकार के बीच वार्ता हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद फिर गुरुवार रात 10 बजे परिवहन मुख्यालय में परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा, कलक्टर जितेंद्र सोनी के साथ बस ऑपरेटर्स की वार्ता हुई। वार्ता में सहमति बनी कि विधानसभा के बाद मांगों को विचार किया जाएगा। इसके अलावा मोटर व्हीकल एक्ट से संबंधित हो रही कार्रवाई को लेकर नियम संशोधन को लेकर परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखा जाएगा। इसके अलावा अन्य मांगों पर कानूनी राय लेकर समाधान किया जाएगा।
विधानसभा में गूंजा था निजी बसों की हड़ताल का मुद्दा
इससे पहले विधानसभा में निजी बसों की हड़ताल का मामला शून्यकाल के दौरान जोर-शोर से उठा। कांग्रेस सदस्य शिखा मील बराला और निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने हड़ताल से आमजन, यात्रियों और रोजगार पर पड़ रहे असर को लेकर सरकार को घेरा और तत्काल समाधान की मांग की थी। इस बीच देवनानी ने उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा से जवाब के लिए पूछा तो एक बार तो वे जवाब के लिए तैयार होने लगे, लेकिन तत्काल संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने इशारों में मना कर दिया तो बैरवा के कदम ठहर गए थे।
इस बीच आक्या ने कहा कि निजी बस ऑपरेटर्स की हड़ताल से यात्री परेशान हैं। खाटूश्यामजी जाने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिखा मील ने कहा कि हड़ताल के चलते करीब साढ़े तीन लाख लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। होली का त्योहार नजदीक है, मजदूर घर नहीं पहुंच पा रहे और मरीज अस्पताल जाने में असमर्थ हैं। खाटूश्यामजी मेले में आए दूसरे राज्यों के हजारों श्रद्धालु जयपुर में फंसे हैं, जहां टैक्सी चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
दिल्ली के लिए बढ़ाई थी वोल्वो बसें
निजी बसों की हड़ताल के बीच निजी स्लीपर बसें बंद होने से यात्रीभार रोडवेज बसों की ओर से आ रहा है। दिल्ली के लिए निजी बसें नहीं चलने से रोडवेज ने दो अतिरिक्त वोल्वो बसें बढ़ाई है। इसके अलावा उदयपुर के लिए भी दो वोल्वो बसें अतिरिक्त चलाई है। जोधपुर, बीकानेर के लिए एक-एक बसें अतिरिक्त चलाई हैं।
विरोध में चालक और परिचालकों को जूतों की माला पहना दी
इससे पहले राजस्थान में बसों की हड़ताल को लेकर बस ऑपरेटर और परिवहन विभाग अड़े रहे। परिवहन विभाग जहां बसों की हड़ताल को बेअसर कर बसों को चलवाने के प्रयास कर रहा था। वहीं, निजी बस ऑपरेटर बसों की हड़ताल को सख्ती से लागू करने के लिए सड़क पर उतर रहे थे। गुरुवार को ऐसे ही नजारे देखने को मिले। दरअसल, निजी बस ऑपरेटरों में कुछ संचालक बसों का संचालन करना चाहते हैं। ऐसे में परिवहन विभाग ने पुलिस सुरक्षा में सिंधी कैंप पर लोक परिवहन बसों में यात्री बैठाए। इस दौरान दिनभर पुलिस जाप्ता तैनात रहा।
वहीं, दूसरी ओर जयपुर से आगरा हाइवे पर संचालित होने वाली निजी बसों और लोक परिवहन बसों को हड़ताल कर रहे बस ऑपरेटरों ने रोक लिया। इस दौरान विवाद सामने आए। इतना ही नहीं, विरोध में चालक और परिचालकों को जूतों की माला पहना दी। बसों को चलने नहीं दिया। इससे यात्रियों को परेशानी हुई।


