मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने राजस्व संग्रहण (Revenue Collection) के मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। वित्तीय वर्ष के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कुल राजस्व अर्जन में पिछले वर्ष की तुलना में 7.10 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ा हुआ राजस्व प्रदेश के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाने में मील का पत्थर साबित होगा।
स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन: कमाई का ‘सुपरफास्ट’ इंजन
राजस्व वृद्धि के मामले में सबसे शानदार प्रदर्शन ‘पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग’ (Registration & Stamps) का रहा है।
- 16.34% की ग्रोथ: डीएलसी (DLC) दरों में किए गए सुधारों और पारदर्शी प्रक्रिया के चलते इस साल स्टाम्प ड्यूटी से होने वाली आय में 16.34 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
- संपत्तियों के पंजीकरण को सरल बनाने के मुख्यमंत्री के निर्देशों ने आमजन को राहत देने के साथ-साथ सरकार की झोली भी भर दी है।
खनन विभाग: नीलामी से चमकी सरकार की किस्मत
भजनलाल सरकार ने अवैध खनन पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करने के साथ-साथ वैध खनन ब्लॉक्स की नियमित नीलामी पर जोर दिया है।
- 12% का उछाल: खनन पट्टों की नीलामी से प्राप्त होने वाले राजस्व में पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहे ताकि राजकोष को होने वाली हानि को पूरी तरह रोका जा सके।
परिवहन विभाग: ओवरलोडिंग पर सख्ती और 9.51% की बढ़त
सड़कों पर नियमों की पालना और तकनीक के इस्तेमाल से परिवहन विभाग ने भी अपनी कमाई बढ़ाई है।
- रिकॉर्ड कलेक्शन: पिछले वर्ष की तुलना में इस बार विभाग ने 9.51 प्रतिशत अधिक राजस्व जुटाया है।
- ग्रीन टैक्स से होने वाली आय और व्हीकल स्क्रैपिंग नीति के व्यवस्थित क्रियान्वयन ने भी रेवेन्यू बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए हैं।
GST और आबकारी: डेटा एनालिटिक्स का दिखा कमाल
- GST में 8% वृद्धि: राजस्थान डेटा एनालिटिक्स के उपयोग में देशभर में अग्रणी है। इसी तकनीक की मदद से कर चोरी पकड़ी गई और जीएसटी संग्रहण में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। ‘इंटीग्रेटेड टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम’ ने करदाताओं के लिए राह आसान कर दी है।
- आबकारी में 7.52% ग्रोथ: आबकारी नीति में किए गए सुधारों और अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने से इस विभाग के राजस्व में भी 7.52 प्रतिशत का उछाल आया है।
अब और बढ़ेगा राजस्व !
जयपुर में हुई समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल बढ़े हुए आंकड़ों पर संतोष नहीं जताया, बल्कि भविष्य के लिए ‘रोडमैप’ भी तैयार किया। उन्होंने अधिकारियों को एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो हर महीने विभागवार प्रगति का आकलन करेगी। सीएम का विजन साफ है— “कर व्यवस्था ऐसी हो जो पारदर्शी और सरल हो, ताकि आम नागरिक को परेशानी न हो और सरकार को उसका हक मिले।”


