Fourlane Road Project: अलवर से भरतपुर तक स्टेट हाईवे को टूलेन से चौड़ा कर फोरलेन बनाया जा रहा है। राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (आरएसआरडीसी) ने 667.14 करोड़ की डीपीआर बनाई है, जो वित्तीय स्वीकृति के लिए सरकार को भेजी है। हालांकि बजट में यह राशि मंजूर नहीं हुई, लेकिन डीपीआर का अध्ययन चल रहा है। माना जा रहा है कि दो से तीन माह में इसे मंजूरी मिल जाएगी। यह मार्ग बनने के बाद भरतपुर का सफर महज डेढ़ घंटे में तय होगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद अलवरवासियों की पहुंच बगड़ तिराहे से शीतल होकर एक्सप्रेस वे पर बढ़ गई है। समय कम लगने एवं आरामदायक सफर होने के कारण अलवर के ज्यादातर लोग, व्यापारी और उद्योगपति दिल्ली-जयपुर जाने के लिए एक्सप्रेस वे का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन अलवर से शीतल तक करीब 30 किमी मार्ग टूलेन है।
इस सफर को पूरा करने में करीब 50 मिनट लग जाते हैं। इसे देखते हुए अलवर-भरतपुर के मध्य आ रहे इस मार्ग को भी फोरलेन बनाया जाएगा। भरतपुर का सफर अभी तक तीन घंटे से ज्यादा समय में पूरा होता है, जो कि 95 किमी है। अब फोरलेन बनने से सफर कम होकर ढाई घंटे का हो जाएगा। बीच में पनियाला एनएच भी बन रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भी इस हाईवे का कुछ हिस्सा बनाएगा।
बायपास से नगर व डीग की राह आसान होगी
अलवर-भरतपुर हाईवे के मध्य से ही नगर व डीग शहर के लिए बायपास निकाला जाएगा, जिससे भारी वाहन शहर से न गुजरकर इस मार्ग से आ-जा सकेंगे। जनता को जाम से लेकर अन्य समस्याओं से राहत मिलेगी। एक बायपास आरएसआरडीसी बनाएगा और दूसरा पीडब्ल्यूडी। 95 किमी के चौड़ीकरण के दौरान कुछ जमीन भी अधिग्रहित करने की योजना है। साथ ही हाईवे के बीच में डिवाइडर का निर्माण भी होगा।
अलवर से भरतपुर तक का सफर और आसान होगा। इसे फोरलेन बनाने के लिए डीपीआर बनाकर सरकार को वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजी है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू करेंगे।
- राकेश मीणा, पीडी, आरएसआरडीसी, भरतपुर
अलवर-भरतपुर फोरलेन बनने से वाहन फर्राटा भर सकेंगे। समय की बचत होगी। इसका लाभ अलवर को भी काफी मिलेगा।
- सतीश कुमार, पीडी, आरएसआरडीसी, अलवर


