दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आज ( 8 March ) मनाया जा रहा है, और इस मौके पर राजस्थान के जोधपुर रेल मंडल ने ‘नारी शक्ति’ को समर्पित एक शानदार आयोजन किया। जोधपुर से जयपुर के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 14813 आज पूरी तरह से महिला रेल कर्मचारियों के भरोसे पटरी पर दौड़ी। लोको पायलट से लेकर गार्ड और चेकिंग स्टाफ तक, इस ट्रेन के संचालन की हर जिम्मेदारी महिलाओं ने बखूबी संभाली।
जोधपुर से जयपुर तक ‘महिला स्पेशल’ का सफर
आमतौर पर रेलवे के संचालन में पुरुषों का वर्चस्व देखा जाता है, लेकिन आज जोधपुर रेलवे स्टेशन का नजारा बदला हुआ था। गाड़ी संख्या 14813 जब प्लेटफार्म से रवाना हुई, तो इसे चलाने वाली टीम में केवल महिलाएं शामिल थीं।
- ऑपरेशनल टीम: ट्रेन को चलाने वाली लोको पायलट (ड्राइवर), सहायक लोको पायलट और गार्ड सभी महिला कर्मचारी थीं।
- ऑन-बोर्ड स्टाफ: ट्रेन के भीतर टिकट चेकिंग (TTE) और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली आरपीएफ (RPF) टीम भी पूरी तरह महिला स्टाफ पर आधारित रही।
उत्साह और सम्मान के साथ रवानगी
ट्रेन की रवानगी के समय जोधपुर रेलवे स्टेशन पर भारी उत्साह देखा गया। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस विशेष ‘ऑल-विमेन क्रू’ का मनोबल बढ़ाया।
- यात्रियों का उत्साह: ट्रेन में सवार महिला यात्रियों ने इस पहल की जमकर सराहना की। यात्रियों का कहना था कि महिलाओं को ट्रेन चलाते देखना उन्हें सुरक्षा और गर्व का अहसास कराता है।
- समय पालन: इस विशेष दल ने ट्रेन को पूरी तरह सम्मानपूर्वक और नियत समय (Right Time) पर जयपुर के लिए रवाना किया।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
जोधपुर रेल मंडल की यह पहल संदेश देती है कि आज की महिलाएं चुनौतीपूर्ण और तकनीकी कार्यों में पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। रेलवे ट्रैक पर ट्रेन दौड़ाना एक जिम्मेदारी भरा और कठिन कार्य माना जाता है, जिसे जोधपुर की इन ‘वीरांगनाओं’ ने आसान बना दिया।
राजस्थान में महिला दिवस का जश्न
पूरे राजस्थान में महिला दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन रेलवे की यह ‘लाइव’ प्रस्तुति सबसे ज्यादा चर्चा में है। सोशल मीडिया पर इस ट्रेन के वीडियो और तस्वीरें ‘नारी शक्ति’ और ‘वूमेंस डे’ हैशटैग के साथ तेजी से वायरल हो रही हैं।


