Rajasthan New Rail Track: जयपुर-रेवाड़ी के बीच नई लाइन का रास्ता साफ, 191 किमी लंबे ट्रैक सर्वे को मंजूरी

Rajasthan New Rail Track: जयपुर-रेवाड़ी के बीच नई लाइन का रास्ता साफ, 191 किमी लंबे ट्रैक सर्वे को मंजूरी

जयपुर। रेलवे ने जयपुर-दिल्ली ट्रैक पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव, वंचित आबादी और औद्योगिक इकाइयों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड ने रेवाड़ी से जयपुर वाया नीमराना नई रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है। इस नई लाइन से यात्रियों को नया विकल्प मिलेगा और औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा लाभ होगा। साथ ही शाहपुरा, कोटपूतली और बहरोड़ जैसे कस्बों को भी रेल नेटवर्क से जोड़ने की संभावना है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह नई रेल लाइन जयपुर-दिल्ली के बीच एक वैकल्पिक कॉरिडोर के रूप में विकसित होगी। वर्तमान में अलवर-रेवाड़ी रूट पर ट्रेनों का भारी दबाव है, जिससे देरी और भीड़ की समस्या बनी रहती है। नए रूट के बनने से यह दबाव कम होगा और ट्रेन संचालन अधिक सुचारू हो सकेगा।

प्रस्तावित ट्रैक नीमराना होकर गुजरेगा

परियोजना की खास बात यह है कि प्रस्तावित ट्रैक नीमराना होकर गुजरेगा। नीमराना दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का अहम हिस्सा है, जहां बड़ी संख्या में देशी-विदेशी कंपनियां स्थापित हैं। रेल कनेक्टिविटी मिलने से इन उद्योगों को सस्ती और तेज लॉजिस्टिक्स सुविधा मिलेंगी, जिससे उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा कोटपूतली, शाहपुरा और बहरोड़ जैसे कस्बों को भी इस परियोजना से सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

सर्वे पर खर्च होंगे 5.73 करोड़

प्रस्तावित 191 किलोमीटर लंबे रूट के फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए रेलवे बोर्ड ने उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र जारी किया है। इसके लिए 5.73 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। सर्वे पूरा होने के बाद डीपीआर तैयार कर बोर्ड को भेजी जाएगी। मंजूरी मिलने पर निर्माण शुरू होगा। हालांकि पूरी प्रक्रिया में समय लगना तय है, लेकिन जल्द सर्वे शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

क्यों जरूरी यह नई लाइन

  • जयपुर-दिल्ली रूट पर बढ़ते ट्रैफिक के लिए वैकल्पिक मार्ग
  • नीमराना सहित औद्योगिक क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी का अभाव
  • तेज और सुचारू रूट की आवश्यकता
  • कोटपूतली, शाहपुरा और बहरोड़ जैसे क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ना

उद्योगों और विकास के लिए सौगात

रेलवे अधिकारियों के अनुसार जयपुर-रेवाड़ी वाया नीमराना नई रेल लाइन केवल एक ट्रैक नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिम भारत के औद्योगिक और यातायात ढांचे को मजबूत करने वाला बड़ा कदम साबित होगी। इससे यात्रियों को नया रूट मिलेगा, दूरी कम होगी और समय की बचत होगी। लंबे समय से रेल नेटवर्क से वंचित इलाके सीधे जुड़ेंगे, जिससे विकास, रोजगार और बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह परियोजना उद्योगों के लिए सेतु का काम करेगी, क्योंकि उन्हें सस्ती और तेज माल ढुलाई की सुविधा मिल सकेगी, जिससे क्षेत्र में निवेश बढ़ने की संभावना है।

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