Rajasthan New Rail Track: राजस्थान से MP के बीच बिछेगी नई रेल लाइन, बनेंगे 10 नए स्टेशन; जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू

Rajasthan New Rail Track: राजस्थान से MP के बीच बिछेगी नई रेल लाइन, बनेंगे 10 नए स्टेशन; जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू

कोटा। राजस्थान के कोटा और मध्यप्रदेश के श्योपुर के बीच दशकों से लंबित नई ब्रॉडगेज रेलवे लाइन का सपना अब जल्द साकार होगा। रेलवे ने दीगोद, इटावा व मांगरोल उपखंड अधिकारियों (एसडीएम) को भूमि अधिग्रहण की तैयारियां शुरू करने के लिए पत्र लिखा है। कोटा-श्योपुर-ग्वालियर रेलवे लाइन परियोजना में ग्वालियर से श्योपुर तक करीब 190 किमी लंबा नैरोगेज से ब्रॉडगेज करने का काम चल रहा है, जो 2018 में शुरू हुआ था। इसे दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।

योजना के दूसरे भाग में कोटा से श्योपुर तक करीब 103 किमी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन का निर्माण करना है, जिसका फाइनल सर्वे पूर्ण हो चुका है और डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेजी जा चुकी है। कोटा से श्योपुर और आगे ग्वालियर तक कुल 284 किमी लंबे इस रेल मार्ग से राजस्थान और मध्यप्रदेश के तीन जिलों कोटा, श्योपुर और ग्वालियर के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

583.84 हैक्टेयर भूमि का होगा अधिग्रहण

रेलवे विभाग की ओर से गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद स्थानीय प्रशासन की सहायता से कोटा-श्योपुरकला नई रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस परियोजना के लिए 583.84 हैक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। रेल बजट 2025-26 में ग्वालियर-श्योपुर-कोटा रेलवे लाइन परियोजना के लिए 450 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई। झांसी मंडल को कुल 2344.39 करोड़ का बजट आवंटित हुआ, जिसमें इस परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

भूमि अधिग्रहण की तैयारियां शुरू

योजना के तहत कोटा के दीगोद, इटावा व बारां के मांगरोल एसडीएम को भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की तैयारियां शुरू करने के लिए पत्र लिखा गया है। गजट नोटिफिकेशन जारी होते ही भूमि अधिग्रहण शुरू कर दिया जाएगा।

कोटा-श्योपुर के बीच होंगे 12 स्टेशन

कोटा से श्योपुर तक नई ब्रॉडगेज रेलवे लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा हो चुका है। यह दूसरी बार सर्वे किया गया। पहली बार रेलवे बोर्ड ने एलाइनमेंट में बदलाव का निर्देश दिया था, जिसके बाद दूरी 104 किमी से घटकर करीब 100 किमी रह गई है। करीब 374.70 करोड़ की डीपीआर तैयार कर रेलवे मुख्यालय ने अनुमोदित कर रेलवे बोर्ड को अंतिम मंजूरी के लिए भेजी है।

कोटा श्योपुर के बीच 10 नए रेलवे स्टेशनों की रूपरेखा बना ली गई है। इनमें से 3 स्टेशन मध्यप्रदेश (कानपुर, खेड़ा, पीपल्दा) और 7 स्टेशन राजस्थान (गणेशगंज, दौलतगंज, बड़ौद, सुल्तानपुर, उम्मेदपुरा, दीगोद सहित अन्य) की सीमा में होंगे, जबकि दीगोद व मोतीपुरा चौकी इस मार्ग पर पहले से स्टेशन बने हुए हैं।

ग्वालियर-श्योपुर गेज परिवर्तन

कोटा-श्योपुर नई लाइन के साथ ग्वालियर से श्योपुर तक 190 किमी लंबी नैरोगेज से ब्रॉडगेज गेज परिवर्तन का कार्य भी तेज गति से चल रहा है। ग्वालियर से कैलारस तक मेमू ट्रेन पहले से चल रही है और वीरपुर तक का कार्य अंतिम चरण में है। दिसंबर 2026 तक 200 किमी लंबी पूरी ब्रॉडगेज रेलवे लाइन तैयार हो जाएगी।

ग्वालियर से कोटा का होगा सीधा रेल जुड़ाव

परियोजना से ग्वालियर से कोटा तक सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी। वर्तमान में दोनों शहरों के बीच सीधा कोई रेल मार्ग नहीं है और यात्रियों को लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता है। नई रेल लाइन पूरी होने पर ग्वालियर-मुरैना-सबलगढ़-श्योपुर-दीगोद-कोटा का सीधा रेल मार्ग खुल जाएगा, जो मात्र 284 किमी का होगा। इससे न केवल यात्री सुविधा बढ़ेगी बल्कि राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। कोटा का शैक्षणिक हब ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए सीधे सुलभ हो जाएगा।

इनका कहना है

ग्वालियर-श्योपुर-कोटा बड़ी रेल लाइन परियोजना का सर्वेक्षण रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। एलाइनमेंट और डीपीआर को मुख्यालय की ओर से अनुमोदित किया जाना है। स्वीकृति मिलते ही योजना का काम शुरू हो जाएगा। इससे कोटा से श्योपुर होते हुए ग्वालियर तक कनेक्टिविटी मिलेगी।
-सौरभ जैन, सीनियर डीसीएम, कोटा रेल मंडल

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