बिलाड़ा। टोंक जिले के डिग्गी थाना क्षेत्र के कलमण्डा गांव स्थित मस्जिद में नमाजी को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात के पीछे आपसी मनमुटाव को कारण बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार शहनाज बानो ने रिपोर्ट दी थी कि उनके पति हकीम खान (47) सुबह मस्जिद में बैठे थे। इसी दौरान वे लघुशंका के लिए बाथरूम गए, जहां मौलवी अब्दुल रशीद अहमद ने बाथरूम की खिड़की से उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और बाहर से गेट बंद कर मोटरसाइकिल से फरार हो गया। मस्जिद के पास रहने वाले लोगों ने चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचकर बाथरूम का दरवाजा खोला और गंभीर रूप से झुलसे हकीम खान को बाहर निकाला।
उपचार के दौरान मौत
घायल को पहले मालपुरा अस्पताल और बाद में एसएमएस अस्पताल जयपुर रेफर किया गया, जहां 20 मार्च को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा के निर्देशन में गठित टीमों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण कर एफएसएल टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए गए और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की गई। इसके साथ ही आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।
500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी
जांच के दौरान पुलिस ने 50 से अधिक मोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगाली और करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर आरोपी की गतिविधियों का रूटमैप तैयार किया। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी अब्दुल रशीद अहमद (21), निवासी मालकोसनी, तहसील बिलाड़ा, जिला जोधपुर को पाली जिले के मंडला गांव से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि 18 मार्च को आरोपी और मृतक के बीच हुए मामूली विवाद ने अगले दिन हत्या का रूप ले लिया। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच थानाधिकारी गोपाल चौधरी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम कर रही है, जिसमें नारायण लाल, गिरिराज प्रसाद, देवकरण, विष्णुलाल, प्रतापसिंह, गिर्राज प्रसाद, नरेन्द्र कुमार, रामराज, विक्रान्त, देवेन्द्र और रोहिताश शामिल हैं। टीम अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है।


