बालोतरा। क्षेत्र के बागुंडी व खेड़ सरहद स्थित खेमा बाबा नगर में दूषित पानी पीने से करीब 70 भेड़-बकरियों की मौत हो जाने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। वहीं लगभग 100 के आसपास मवेशी बीमार बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया।
जानकारी के अनुसार बागुंडी निवासी पोकरराम मेघवाल की 15 भेड़ व 19 बकरियों की मौत हो गई, जबकि खेमा बाबा नगर निवासी अमराराम जाट की 40 भेड़ों की मौत हो गई। पशुओं की अचानक हुई मौत से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है।
पाइपलाइन के एक वाल्व से रिसाव
ग्रामीणों का कहना है कि पास से गुजर रही नाचना-रिफाइनरी पाइपलाइन के एक वाल्व से रिसाव हो रहा था। वाल्व से बहकर आया पानी आसपास के गड्ढों में जमा हो गया, जिसे पशुओं ने पी लिया। इसके बाद अचानक कई पशुओं की तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही समय में बड़ी संख्या में भेड़-बकरियों की मौत हो गई। साथ ही कई मवेशी बीमार हो गए, जिनकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है और कुछ की धीरे-धीरे मौत हो रही है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि पाइपलाइन से निकला पानी दूषित था, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और प्रभावित पशुपालकों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, ऐसे में इतने बड़े स्तर पर पशुओं की मौत से उन्हें भारी आर्थिक झटका लगा है। अधिकारियों ने भी जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
प्रशासन की टीमों ने लिया जायजा
हालांकि पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर इसे फूड पॉइजनिंग की संभावना बताया है। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर बीमार पशुओं का उपचार शुरू किया और मृत पशुओं के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन भी हरकत में आ गया। पशुपालन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पटवारी अशोक सिंह चारण ने मौके पर पहुंचकर मौका रिपोर्ट तैयार की। वहीं आकड़ली ग्राम पंचायत के प्रशासक रहीशदान चारण भी घटनास्थल पर मौजूद रहे और ग्रामीणों से पूरी जानकारी ली।
इनका कहना है
ग्रामीणों की सूचना पर विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पशुओं की जांच की है। बीमार पशुओं का उपचार किया जा रहा है, वहीं मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कर विसरा लिया गया है, जिसकी एफएसएल जांच करवाई जाएगी।
- डॉ. मदनगिरि, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग
मौके पर पहुंचकर मृत और बीमार पशुओं की गिनती की गई है तथा मौका फर्द तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, जिससे पशुपालकों को त्वरित आर्थिक सहयोग मिल सके।
- अशोक सिंह चारण, पटवारी


