Rajasthan IAS-IPS Transfer : राजस्थान में महज तीन सप्ताह में राज्य सरकार का चेहरा बदल गया। छह अतिरिक्त मुख्य सचिव, पांच प्रमुख सचिव व 9 सचिवों को बदलकर शीर्ष नौकरशाही में बड़ा बदलाव किया गया। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय में 3 युवाओं सहित भारतीय प्रशासनिक सेवा के 7 अधिकारियों की पहली बार एंट्री हुई।
मुख्य सचिव कार्यालय में भी एक युवा आइएएस लगाया। इनके अलावा 41 में से 25 जिलों के कलक्टर व 26 पुलिस अधीक्षकों को बदल दिया गया, जिनमें से एक पुलिस अधीक्षक का 7 दिन में दो बार तबादला किया गया। सरकार ने सबसे बडा़ बदलाव उत्तर पश्चिमी और आदिवासी क्षेत्रों में किया है। इन क्षेत्रों में योजनाओं की धीमी गति, शिकायतें सहित कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जो बदलाव के कारण बने।
19 से 31 मार्च के बीच तीन सप्ताह में राजस्थान कैडर के एक-तिहाई (90) आइएएस अधिकारियों और 13 से 19 मार्च के बीच एक सप्ताह में कुल कैडर के एक-तिहाई आइपीएस अधिकारियों को बदल दिया गया। पिछले दिनों विवादों में रहे तीन कलक्टर सहित चार आइएएस मौजूदा पदों से हटा दिए गए।
दो साल पहले के सीएमओ का चेहरा बदला
सीएमओ में अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा करीब साढ़े चार माह पहले शिखर अग्रवाल की जगह काम संभाल चुके हैं। सीएमओ की टीम में 31 मार्च को बड़ा बदलाव किया। भाजपा सरकार बनने के बाद सीएमओ में जो आइएएस अधिकारी लगाए, अब उनमें से सिद्धार्थ सिहाग सहित कुछ अधिकारियों को छोड़ सब बदल गए। सीनियर आरएएस बरकरार रखे हैं।
विशिष्ट सचिव रहे अरविंद कुमार पोषवाल को आवासन मंडल प्रशासनिक मुखिया बनाकर भेजा गया, जबकि विशिष्ट सचिव से संदेश नायक को जयपुर जिले की कमान सौंपी गई। इनके बदले सचिव के रूप में जयपुर कलक्टर जितेन्द्र सोनी, विशिष्ट सचिव मुकुल शर्मा, संयुक्त सचिव उत्सव कौशल व अमिता शर्मा, विशेषाधिकारी के रूप में रीया डाबी, रजत यादव व अक्षत कुमार सिंह की सीएमओ में एंट्री हुई।
जोरवाल फिर जैसलमेर कलक्टर
वित्त (व्यय) विभाग में संयुक्त सचिव लगाए गए प्रताप सिंह की जगह अनुपमा जोरवाल को जैसलमेर कलक्टर लगाया है। पोकरण के तत्कालीन उपखंड अधिकारी प्रभजोत सिंह गिल ने सिंह पर सोलर कंपनी का पक्ष लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे और मामला तूल पकड़ने पर राजस्थान प्रशासनिक सेवा एसोसिएशन ने सिंह के विरोध में सीएम को पत्र लिखकर गिल का साथ दिया। उधर, जोरवाल 2018 में भी जैसलमेर की कमान संभाल चुकी है।
वन मंत्री संजय शर्मा से हुई थी तकरार
सीएमओ में विशिष्ट सचिव के रूप में आए मुकुल शर्मा सीकर कलक्टर रहते दिसंबर 2025 में चर्चा में आए। उस समय सीकर में शहरी सेवा शिविर में वन मंत्री संजय शर्मा खाली कुर्सियां देख भड़क गए। कलक्टर रहते शर्मा के नगर परिषद अधिकारियों के पक्ष में आने से तकरार हो गई थी।
वन मंत्री शर्मा ने कहा था कि आप चोरों को बचा रहे हो, आपकी मर्जी हो उस तरह से सीकर जिले को और यहां के सेवा शिविरों को चलाइए, मैं जा रहा हूं। इस तकरार का वीडियो भी सामने आया था। इसके बाद कांग्रेस ने भी तंज कसे थे।
सांसद मन्नालाल रावत का टकराव
उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत का पिछले दिनों प्रतापगढ़ कलक्टर रहते डॉ. अंजलि राजोरिया से टकराव हो गया। रावत ने संसद में राजोरिया पर डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन के तहत स्वीकृत कार्यों को रोकने जैसे आरोप लगाए। राजोरिया को गृह विभाग में संयुक्त सचिव लगाया है, शुभम चौधरी उनकी जगह प्रतापगढ़ कलक्टर का पद संभालेंगी।
उत्तरी व पश्चिमी जिलों में सबसे ज्यादा बदले कलक्टर
आईएएस तबादला सूची में सबसे ज्यादा बदलाव पश्चिमी व उत्तरी राजस्थान और आदिवासी बाहुल्य इलाकों में दिखा। राज्य सरकार ने बीकानेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर व पाली के कलक्टर बदल दिए। इनमें से कई लम्बे समय से एक जगह थे, वहीं कुछ को लेकर लगातार शिकायतें आ रहीं थी। आदिवासी जिलों सिरोही, प्रतापगढ, सलूम्बर, डूंगरपुर जिलों के कलक्टर भी बदले गए हैं।


