Rajasthan Tradition: जयपुर. राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में पर्यटन विभाग द्वारा 17 से 19 मार्च तक जयपुर शहर में भव्य और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों का उद्देश्य प्रदेश की समृद्ध विरासत, लोक कला और सांस्कृतिक परंपराओं को आमजन के समक्ष प्रस्तुत करना है।
पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियाड़ ने बताया कि तीन दिनों तक शहर के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें स्थानीय कलाकारों और प्रसिद्ध संस्थाओं की भागीदारी रहेगी।
कार्यक्रमों की शुरुआत 17 मार्च को सुबह 7:30 बजे त्रिपोलिया गेट स्थित बृजनिधि मंदिर में विशेष आरती से हुई। इसी दिन शाम 7 बजे जवाहर कला केंद्र में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा द्वारा “समुद्र मंथन” नाटक का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन चित्तरंजन त्रिपाठी ने किया है।
प्रमुख कार्यक्रम
| कार्यक्रम | विवरण |
|---|---|
| विशेष आरती | 17 मार्च को बृजनिधि मंदिर में आयोजन |
| नाटक मंचन | 17 मार्च को “समुद्र मंथन” का प्रदर्शन |
| नेचर हाईक्स | 17-18 मार्च को ट्रैकिंग कार्यक्रम |
| हेरिटेज वॉक | 18 मार्च को ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण |
| सांस्कृतिक संध्या | 19 मार्च को अल्बर्ट हॉल में आयोजन |
इसके साथ ही 17 और 18 मार्च को सुबह “नेचर हाईक्स” का आयोजन होगा। 17 मार्च को गढ़ गणेश मंदिर से गैटोर की छतरियों तक और 18 मार्च को खेडी गेट से सागर लेक आमेर तक ट्रैकिंग आयोजित की जाएगी।
18 मार्च को सुबह 7 बजे जयपुर विरासत फाउंडेशन के सहयोग से हेरिटेज वॉक आयोजित होगी, जिसमें शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
19 मार्च को राजस्थान दिवस के मुख्य अवसर पर अल्बर्ट हॉल परिसर में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पद्मश्री अनवर खां मांगणियार और तगाराम भील सहित कई कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम का समापन आकर्षक आतिशबाजी के साथ होगा।
मुख्य आकर्षण
| आकर्षण | विवरण |
|---|---|
| लोक संस्कृति | राजस्थान की समृद्ध लोक कला की प्रस्तुति |
| कलाकारों की प्रस्तुति | प्रसिद्ध लोक कलाकारों का प्रदर्शन |
| कथक नृत्य | शास्त्रीय नृत्य और कोरियोग्राफी |
| विरासत भ्रमण | ऐतिहासिक स्थलों की सैर |
| आतिशबाजी | भव्य फायरवर्क शो |
जयपुर शहर में उत्सव जैसा माहौल
इन कार्यक्रमों के माध्यम से जयपुर शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिलेगा। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी राजस्थान की समृद्ध परंपराओं और जीवंत संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। पर्यटन विभाग का यह प्रयास न केवल सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देगा, बल्कि शहर के पर्यटन को भी नई पहचान देगा। खासतौर पर युवा वर्ग के लिए नेचर हाईक्स और हेरिटेज वॉक आकर्षण का केंद्र रहेंगे, वहीं सांस्कृतिक संध्या में लोक संगीत और नृत्य सभी को मंत्रमुग्ध कर देंगे।


