Rajasthan Cattle Farmers : राजस्थान के पशुपालकों की बदलेगी तकदीर, अब दूध से बढ़ेगा जबरदस्त मुनाफा, सरकार करने जा रही ये काम

Rajasthan Cattle Farmers : राजस्थान के पशुपालकों की बदलेगी तकदीर, अब दूध से बढ़ेगा जबरदस्त मुनाफा, सरकार करने जा रही ये काम

Rajasthan Cattle Farmers : राजस्थान के पशुपालक अब केवल गोपालन और कच्चा दूध बेचने तक सीमित नहीं रहेंगे। वे अपने ही दूध से मिठाइयां और डेयरी उत्पाद बनाना भी सीखेंगे। प्रदेश सरकार पशुपालकों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें दूध से मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने में सक्षम बनाएगी, ताकि उनकी आमदनी बढ़े और वे आत्मनिर्भर बन सकें। प्रदेश में करीब 7.14 करोड़ पशु हैं। पशु पालकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 10 लाख रुपए तक का ऋण दिया जाएगा।

गोपालन से मिठाई निर्माण तक का सफर

नई पहल के तहत पशुपालकों को दूध से बनने वाले विभिन्न उत्पादों की तकनीकी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें खोया, पनीर, घी जैसे पारंपरिक डेयरी उत्पादों के साथ मावा, पेड़े और राजस्थानी स्वाद वाली मिठाइयों को बनाने की विधियां सिखाई जाएंगी।

प्रशिक्षण में गुणवत्ता बनाए रखने, स्वच्छ उत्पादन और आधुनिक पैकेजिंग के तरीके भी शामिल होंगे। पशुपालक अपने दूध को सीधे बेचने के बजाय उससे तैयार उत्पाद बनाकर ज्यादा मुनाफा कमा सकें।

स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा

प्रशिक्षण के बाद पशुपालक खुद की छोटी डेयरी यूनिट या मिठाई निर्माण इकाई शुरू कर सकेंगे। इसके लिए सरकार ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे और युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सकेगा।

पलायन रुकेगा, बढ़ेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

योजना से खासतौर पर उन युवाओं को फायदा होगा जो रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन करते हैं। अब वे अपने गांव में ही डेयरी आधारित व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और पशुपालन एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में उभरेगा।

अपनी आय कई गुना बढ़ा सकेंगे पशुपालक

पशुपालकों को प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता देकर उन्हें हुनरमंद बनाया जाएगा, ताकि वे गोपालन के साथ दूध से उत्पाद तैयार कर अपनी आय कई गुना बढ़ा सकें।
जोराराम कुमावत, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री

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