जयपुर। राजस्थान विधानसभा में राज्य बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री दिया कुमारी ने दुनिया के सबसे सम्मानित मानवाधिकार नेता नेल्सन मंडेला के कथन का ज़िक्र किया। दिया कुमारी ने मंडेला के उस प्रसिद्ध कथन को पढ़ा जो सरकार की बुनियादी जिम्मेदारियों को रेखांकित करता है।
दिया कुमारी ने क्या कहा?
वित्त मंत्री ने मंडेला को याद करते हुए कहा:
“Social Security is a fundamental right and it is the responsibility of the government to ensure that all citizens have access to basic needs such as food, houses, education, health services, and everything that makes human life human. “
अर्थार्थ, “सामाजिक सुरक्षा एक मौलिक अधिकार है और यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि सभी नागरिकों की भोजन, घर, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और हर उस चीज तक पहुंच हो जो मानव जीवन को मानवीय बनाती है।”
इस कोटेशन के जरिए दिया कुमारी ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार के लिए सामाजिक सुरक्षा केवल ‘पेंशन बांटना’ नहीं है, बल्कि एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहाँ हर इंसान गरिमा के साथ जी सके।
11 फरवरी का ‘खास कनेक्शन’
शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि दिया कुमारी ने आज ही के दिन मंडेला का जिक्र क्यों किया। दरअसल, बजट पेश करने का दिन 11 फरवरी वो ऐतिहासिक दिन है, जब साल 1990 में नेल्सन मंडेला 27 साल की लंबी कैद के बाद जेल से रिहा हुए थे।
बजट भाषण में उन्हें याद करना यह दर्शाता है कि राजस्थान सरकार अन्याय के खिलाफ संघर्ष और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की ‘आजादी’ को सलाम करती है।

“पांचवाँ स्तम्भ”: सामाजिक सुरक्षा की नई परिभाषा
दिया कुमारी ने अपने बजट को ‘स्तंभों’ (Pillars) में विभाजित किया है, जिसमें ‘सामाजिक सुरक्षा’ को पांचवां और सबसे मजबूत स्तंभ बताया गया है। उन्होंने मंडेला के विजन को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशीलता से जोड़ते हुए कहा कि सरकार वंचित वर्गों, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।

मंडेला के कथन से मेल खाती बजट घोषणाएं
बजट में मंडेला की बातों का असर केवल शब्दों में नहीं, बल्कि घोषणाओं में भी दिखा। भोजन और घर, शिक्षा और स्वास्थ्य,
बुनियादी सुविधाएं… गरिमापूर्ण जीवन के लिए जो भी आवश्यक है, उसे दिया कुमारी ने अपने बजट के केंद्र में रखा है।
क्यों खास है यह ‘ग्लोबल’ टच?
नेल्सन मंडेला को ‘दक्षिण अफ्रीका का गांधी’ कहा जाता है। उन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया है। बजट भाषण में उनका जिक्र करना यह बताता है कि राजस्थान की वित्त मंत्री अपनी नीतियों को वैश्विक मानवीय मानकों (Global Human Standards) से जोड़ रही हैं। यह विपक्ष के उन आरोपों का भी जवाब है जो सरकार पर केवल ‘चुनावी बजट’ होने का तंज कस रहे थे।


