Rajasthan Budget 2026: रफ्तार से दौड़ेगा जयपुर ग्रामीण, सड़कों का बिछेगा जाल, दूदू से लालसोट तक बनेगा नया स्टेट हाईवे

Rajasthan Budget 2026: रफ्तार से दौड़ेगा जयपुर ग्रामीण, सड़कों का बिछेगा जाल, दूदू से लालसोट तक बनेगा नया स्टेट हाईवे

जयपुर। वित्त मंत्री दिया कुमारी के पेश किए तीसरे बजट में जयपुर ग्रामीण के लिए की गई घोषणाओं के जरिए विकास का नया ब्लूप्रिंट तैयार किया है। बजट में जहां सड़कों के विकास पर खासा फोकस रहा, वहीं दूदू विधानसभा के तीनों उपखंडों में औद्योगिक विकास की नई नींव रखी गई है।

बजट में बुनियादी ढांचे को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने के लिए एक व्यापक विकास योजना का खाका पेश किया गया है। दूदू, फुलेरा, बगरू व झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्रों को कई सौगातें मिली हैं। सड़कों के सुदृढ़ीकरण से लेकर औद्योगिक गलियारों की स्थापना तक के लिए करोड़ों रुपए का प्रावधान किया गया है। यह निवेश न केवल कनेक्टिविटी को सुधारेगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगा।

सड़क का बिछेगा जाल, राजमार्गों का कायाकल्प

बजट में निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़क एवं राजमार्ग विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इस कड़ी में सबसे महत्वपूर्ण परियोजना दूदू से लालसोट तक वाया फागी, चाकसू और तूंगा 135 किलोमीटर स्टेट हाईवे के लिए 675 करोड़ रुपए का प्रावधान है। यह मार्ग पूर्वी राजस्थान के बड़े हिस्से को सीधे दूदू से जोड़ेगा।

स्थानीय स्तर पर बगरू से कलवाड़ा वाया अजयराजपुरा के बीच 13 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दूदू के प्रसिद्ध शैलेश्वर महादेव मंदिर तक 8 करोड़ रुपए की लागत से सड़क बनाई जाएगी। इसके अतिरिक्त झोटवाड़ा के कालबाड़ से जोरपुरा सुन्दरसियावास तक 11 करोड़ रुपए और दूदू के साली से जडावता तक 4.50 करोड़ रुपए के सड़क कार्यों को बजट में शामिल किया गया है।

औद्योगिक विस्तार और ऊर्जा सुदृढ़ीकरण

दूदू विधानसभा क्षेत्र को आर्थिक हब बनाने की दिशा में फागी, मौजमाबाद और दूदू में नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। इन क्षेत्रों के विकसित होने से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होंगे, बल्कि जयपुर के औद्योगिक भार को भी संतुलित किया जा सकेगा। ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सांगानेर के बगरू रावान में 132 केवी जीएसएस और दूदू के साली में 33/11 केवी जीएसएस का निर्माण कराया जाएगा, जिससे उद्योगों और घरों को निर्बाध बिजली मिल सकेगी। साथ ही बिचून के बिहारीपुरा औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाएंगे।

रेलवे और परिवहन सुविधाओं का अपग्रेडेशन

रेलवे यातायात को सुगम बनाने के लिए जयपुर–फुलेरा रेल मार्ग स्थित एलसी-239 और एलसी-242 पर क्रमशः 53.70 करोड़ और 50.14 करोड़ रुपए की लागत से रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। सार्वजनिक परिवहन को मजबूती देने के लिए फागी में 3 करोड़ रुपए की लागत से एक आधुनिक बस स्टैंड का निर्माण किया जाएगा, जिससे हजारों यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

सुधरेगा स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम

जयपुर के विस्तार को देखते हुए कालवाड़ रोड क्षेत्र में ड्रेनेज समस्या के स्थायी समाधान के लिए 100 करोड़ रुपए के मास्टर ड्रेनेज कार्य की घोषणा की गई है। इसके साथ ही बैनाड़ रोड और कालवाड़ रोड जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सेक्टर सड़कों के नियोजित विकास के लिए 125 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है, जिससे इन इलाकों की शहरी बनावट में बड़ा सुधार आएगा।

शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बगरू महाविद्यालय को स्नातक से स्नातकोत्तर स्तर पर क्रमोन्नत किया जाएगा, जिससे ग्रामीण परिवेश के छात्र स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए दूदू के समेलिया में नवीन आयुर्वेदिक औषधालय खोला जाएगा।

बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए वर्ष 2030 तक जयपुर ग्रामीण में अत्याधुनिक साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के तहत सांभर झील में पक्षियों के लिए विशेष एवियन डिजीज ट्रीटमेंट सेंटर बनाया जाएगा, जो झील के पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने में सहायक होगा।

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छापरवाड़ा व नेवटा बांध के फिरेंगे दिन

दूदू के छापरवाड़ा बांध के ओवरफ्लो से निकलने वाले पानी को मासी नदी में डालने वाले नाले का चैनलाइजेशन तथा बांध के पुनरुद्धार कार्य पर 16 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं नेवटा बांध से जल निकासी एवं परिष्कृत जल की व्यवस्था करते हुए आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों की आवश्यकताओं के लिए जल अपवर्तन किया जाएगा। नेवटा बांध की वर्तमान सिंचाई और अन्य आवश्यकताओं के अनुसार भराव क्षमता की समीक्षा तथा रामचन्द्रपुरा बांध एवं उससे निकलने वाली चन्दलाई फीडर के पुनर्वास एवं आधुनिकीकरण के प्रथम चरण पर 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

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