जोधपुर। भारतीय वायुसेना की ओर से जारी नोटम (नोटिस टू एयरमैन) के बाद जोधपुर एयरपोर्ट लगभग एक महीने के लिए सिविल उड़ानों के लिए बंद रहेगा। 29 मार्च से 27 अप्रेल तक एयरपोर्ट पर रनवे रिपेयरिंग का कार्य चलेगा, जिसके चलते इस अवधि में सभी सिविल उड़ानों का संचालन पूरी तरह रोक दिया जाएगा। इसके साथ ही जोधपुर की एयर कनेक्टिविटी पर भी बड़ा असर पड़ने की आशंका है। जोधपुर एयरपोर्ट से अंतिम उड़ान 28 मार्च को होगी।
नोटम जारी होने के बाद इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 28 मार्च के बाद की उड़ानों की बुकिंग बंद कर दी है। सामान्यतः समर शेड्यूल 31 मार्च को लागू होता है, लेकिन इस बार जोधपुर एयरपोर्ट बंद रहने के कारण जोधपुर में समर शेड्यूल 28 अप्रेल से ही लागू हो पाएगा। इसका सीधा असर जोधपुर की एयर कनेक्टिविटी पर पड़ेगा।
एक ही रनवे, 7 साल बाद री-कारपेटिंग
एयरफोर्स के अनुसार सात साल पहले रनवे की मरम्मत की गई थी। जोधपुर एयरपोर्ट सीमावर्ती क्षेत्र के करीब होने के कारण सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में रनवे की री-कारपेटिंग कर इसे पूरी तरह नया बनाया जाएगा। चूंकि एयरपोर्ट पर केवल एक ही रनवे है, जिसका उपयोग एयरफोर्स और सिविल उड़ानें दोनों करती हैं, इसलिए मरम्मत के दौरान सिविल संचालन संभव नहीं रहेगा। अनुमान है कि यह कार्य पूरा करने में करीब एक माह का समय लगेगा।
समर शेड्यूल में आधी रह जाएगी उड़ानें
- वर्तमान में जोधपुर से सात शहरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलूरु, पुणे, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही है। प्रतिदिन करीब 14 उड़ानें है।
- समर शेड्यूल लागू होने के बाद इन शहरों में से दो से तीन गंतव्यों की उड़ानें कम होने और कुल फ्लाइट्स की संख्या भी लगभग आधी रह जाने की संभावना जताई जा रही है।
- एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एयरफोर्स से रनवे मरम्मत के लिए जून माह में नोटम लेने का सुझाव दिया था, ताकि व्यावसायिक उड़ानों पर कम असर पड़े। हालांकि एयरफोर्स ने सुरक्षा आवश्यकताओं का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और मार्च-अप्रेल में ही कार्य कराने का निर्णय लिया।


