भिवानी में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर आवारा कुत्तों के बधियाकरण और टीकाकरण का कार्य शुरू हो गया है। नगर परिषद प्रशासन ने अब तक 236 आवारा कुत्तों को पकड़ा है, जिनमें से 231 का बधियाकरण और टीकाकरण किया जा चुका है। इनमें से 191 कुत्तों को उपचार के बाद उनके मूल स्थान पर वापस छोड़ दिया गया है। नगर परिषद ने शहर में कुत्तों के काटने से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता दी है। यह अभियान सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रण और टीकाकरण को लेकर प्रदेश सरकारों को दिए गए निर्देशों के बाद शुरू किया गया है। इन निर्देशों के तहत हरियाणा सरकार ने सभी जिला प्रशासनों को आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए थे। DC साहिल गुप्ता ने नगर परिषद प्रशासन को त्वरित कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर परिषद ने आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनके बधियाकरण और टीकाकरण के लिए टेंडर जारी किए। भिवानी शहरी क्षेत्र में किए गए एक सर्वे के अनुसार, यहां लगभग 2500 से 3000 आवारा कुत्ते होने का अनुमान है। विभागों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश उपायुक्त गुप्ता ने शिक्षण संस्थानों, चिकित्सा संस्थानों और खेल विभाग जैसे बड़े परिसरों वाले विभागों को अपने यहां आवारा कुत्तों की संख्या बताने और उनके नियंत्रण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के आदेश दिए थे। संबंधित विभागों ने इन आदेशों का पालन करते हुए नोडल अधिकारी नियुक्त किए और नगर परिषद को अपने परिसरों में कुत्तों की संख्या की जानकारी दी। नगर परिषद ने शुरू कराया अभियान नगर परिषद प्रशासन द्वारा जारी टेंडर के बाद एक फर्म ने शहर में आवारा कुत्तों के बधियाकरण और टीकाकरण का कार्य शुरू कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा, ताकि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित की जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।


