कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शिरोमणि अकाली दल के प्रेसिडेंट सुखबीर बादल को गिद्दड़बाहा से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि सुखबीर जी चुनाव लड़ने गिद्दड़बाहा आओ। एक ही सीट पर चुनाव लड़ना है। रोज डराओ मत। हम गिद्धड़बाहा के मरजीवड़े है। अगर आप ने चुनाव लड़ना है तो आप अच्छी तरह इलेक्शन लड़ो। यह नहीं कि लंबी से भी लडूंगा, जलालाबाद से भी लड़ूगा और मैं लडूंगा। आर या पार । सुखबीर जी यह अच्छा नहीं लगता है। सुखबीर बादल की मैं इज्जत करता हूं सुखबीर बादल की सफेद दाढ़ी और गुरसिख का पहनावा है। उनकी मैं बड़ी इज्जत करता हूं। मैं सुखबीर जी के खिलाफ भी कम बोलता हूं। बुजुर्गों ने कहा है कि कम बोलना चाहिए। लेकिन सुखबीर बादल जी हटते ही नहीं हैं। उन्हें लगता है कि शायद उनसे कोई डरने लग पड़ा है। कल उन्होंने गिद्दड़बाहा में माघी मेले को लेकर मीटिंग की थी। एक बात बताऊं कि हमारी सरकार के समय में माघी मेले की कांफ्रेंस बंद हो गई थी। उसका कारण था कि एसजीपीसी ने कहा था कि इन शहादतों पर किसी तरह की राजनीतिक कांफ्रेंस नहीं कर सकते हैं। पंजाब सरकार ने कहा कि हम सियासी तौर पर कांफ्रेंस बंद करते हैं, लेकिन आप एसजीपीसी की सलाह को भी नहीं मानते हैं। फतेहगढ़ साहिब में कांफ्रेंस बंद थी। जहां पर भी आपको दिल करता है, वहां पर आप अपना काम चला देते हो। पहले चुनाव लड़ने से की बहानेबाजी जब आपको तनखैया घोषित कर दिया गया, जब आपने माना कि बेअदबी की है, जब आप मूड में आए तो इलेक्शन नहीं लड़े। बहाने से भाग गए कि गिद्दड़बाहा से न लड़ना पड़े, डेरा बाबा नानक से लड़ना पड़े। उस समय आपको यह था कि झाड़ू वाले उम्मीदवार को इलेक्शन जितवा दें। इसलिए आप खुद नहीं लड़े और न ही उम्मीदवार दिया। मैंने कहा कि आप चुनाव लड़ो, लेकिन नहीं माने। चलो चुनाव हो गया। जब अब तनखैया होने से बाहर आए, अब आप छुट्टी से बाहर आ गए। माल के बिना पार्टी नहीं चलती सुखबीर जी, आपको अकाली दल के मेच्योर नेता बनने चाहिए। आप अकाली दल के मालिक व सरपरस्त हो। दूसरे लोग काबिल है, लेकिन उनके पास माल नहीं होता। माल के बिना पार्टी नहीं चलती है। कल आप गिद्दड़बाहा में आ गए, लेकिन वहां के लोगों को पता नहीं आप कितना झूठ बोलते हो। वहां पर कहा कि राजा वड़िंग को चौथे नंबर पर रखेंगे। आप सारे गांवों का ब्यौरा दो। एक गांव में तीसरे नंबर रह गए, तो आप बड़े तीस मार खान की बात करते हो। बाकी 47 गांवों का भी हिसाब कर लो। कई जगह आप तीसरे-चौथे नंबर पर हारे। कई जगह आपके लोग नहीं लड़े। इस तरह सफेद दाढ़ी वाला आदमी इस तरह झूठी बातें न बोले। मेरा पिता मुख्यमंत्री नहीं था सुखबीर जी हाड़-जेठ में पैदा हुए हैं। हमारा बाप कौन सा पांच बार का मुख्यमंत्री था। हम नीचे से चले, खुद से सिस्टम बनाया। हमारा बाप सरपंच नहीं था। आप अमेरिका आदि से आए, फिर आपको मंत्री बना दिया। दो स्थानों से नहीं लड़ना, फिर मैं लड़ूंगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रकाश सिंह बादल की निंदा करते हैं। सुखबीर को जुबान वाला कहते हैं। वह इसी चीज से खुश हो जाते हैं। मुझे वह आदमी अच्छा नहीं लगता जो मेरे पिता की निंदा करे। चाहे मेरी निंदा कर लो, लेकिन मेरे पिता की निंदा न करो। परमात्मा आपको चढ़दी कला में रखे। जो डायनासोर की बात करते हो, वह कहीं आपको ही न ले जाए। अपनी स्थिति साफ रखो। मनरेगा वर्करों की भी स्थिति साफ रखो।


