राज मिस्त्री के दो नाबालिग बेटों ने दो साल में खड़ा किया करोड़ों रुपए का साम्राज्य

भास्कर न्यूज| पूर्णिया पूर्णिया पूर्व के डिमिया छतरजान पंचायत के श्रीनगर सहनी टोला के राज मिस्त्री के दो नाबालिग बेटों ने साइबर फ्रॉड से दो साल में ही करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया है। अभी उसके घर के अंदर सारी आधुनिक सुख-सुविधाएं मौजूद हैं। हाल के दिनों में उनके पहनावे-ओढ़ावे में परिवर्तन दिखने लगा। मास्टरमाइंड छोटे बेटे के पास आईफोन है। साइबर ठगी व विदेशों में भेजे जा रहे पैसे को लेकर 9 घंटे चली छापेमारी में धराए दो बेटों व पिता से एसटीएफ, साइबर व पुलिस ने घंटों पूछताछ की है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के श्रीनगर सहनी टोला के दीपक राजमिस्त्री का काम कर दो बेटों समेत परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दीपक मंडल के बड़े बेटे की तुलना में छोटा बेटा काफी तेज-तर्रार है। उसकी पढ़ाई में रुचि कम रही है। उसने पांचवीं तक ही पढ़ाई की और कम उम्र में ही पैसे कमाने की नई-नई तरकीब ढूंढने लगा। पहले घर की माली स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। जानकारी के अनुसार वह मोबाइल एप बनाकर लोगों की निजी जानकारियां इकट्ठा कर इसे विदेश में बेच डॉलर में रुपये कमाता था। इधर करीब दो सालों से पूरे परिवार के रहन-सहन में काफी बदलाव दिखने लगा। अचानक 2-3 साल पहले पूरे परिवार का रहन-सहन बदलते देख आसपास के लोग हैरान हैं। पक्के का मकान बनने लगा और कई जगहों पर जमीन भी खरीदी गई । ग्रामीणों के पूछने पर वह बताता था कि ड्रीम-11 में पैसा जीते हैं जिससे यह सब कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार दीपक मंडल के छोटे बेटे का लगभग समय घर में ही बीतता था। भास्कर न्यूज| पूर्णिया पूर्णिया पूर्व के डिमिया छतरजान पंचायत के श्रीनगर सहनी टोला के राज मिस्त्री के दो नाबालिग बेटों ने साइबर फ्रॉड से दो साल में ही करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया है। अभी उसके घर के अंदर सारी आधुनिक सुख-सुविधाएं मौजूद हैं। हाल के दिनों में उनके पहनावे-ओढ़ावे में परिवर्तन दिखने लगा। मास्टरमाइंड छोटे बेटे के पास आईफोन है। साइबर ठगी व विदेशों में भेजे जा रहे पैसे को लेकर 9 घंटे चली छापेमारी में धराए दो बेटों व पिता से एसटीएफ, साइबर व पुलिस ने घंटों पूछताछ की है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के श्रीनगर सहनी टोला के दीपक राजमिस्त्री का काम कर दो बेटों समेत परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दीपक मंडल के बड़े बेटे की तुलना में छोटा बेटा काफी तेज-तर्रार है। उसकी पढ़ाई में रुचि कम रही है। उसने पांचवीं तक ही पढ़ाई की और कम उम्र में ही पैसे कमाने की नई-नई तरकीब ढूंढने लगा। पहले घर की माली स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। जानकारी के अनुसार वह मोबाइल एप बनाकर लोगों की निजी जानकारियां इकट्ठा कर इसे विदेश में बेच डॉलर में रुपये कमाता था। इधर करीब दो सालों से पूरे परिवार के रहन-सहन में काफी बदलाव दिखने लगा। अचानक 2-3 साल पहले पूरे परिवार का रहन-सहन बदलते देख आसपास के लोग हैरान हैं। पक्के का मकान बनने लगा और कई जगहों पर जमीन भी खरीदी गई । ग्रामीणों के पूछने पर वह बताता था कि ड्रीम-11 में पैसा जीते हैं जिससे यह सब कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार दीपक मंडल के छोटे बेटे का लगभग समय घर में ही बीतता था।  

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