Raipur Electric Bus: संतराम साहू। शहरी परिवहन को मजबूत करने के लिए प्रदेश के चार शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। इन बसों के संचालन के लिए चारों शहरों में डिपो सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए अधोसंरचना के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं, लेकिन इलेक्ट्रिक बसों का अता-पता ही नहीं है।
जबकि बसों के संचालन के लिए केंद्र सरकार ने एजेंसी भी निर्धारित कर दी है। बता दें कि प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग-भिलाई को मिलाकर 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। जिनमें रायपुर में 100, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई में 50-50 और कोरबा में 20 बसें चलाई जानी है।
यूपीएसएस को एजेंसी नियुक्त किया
राज्य शासन ने ई-बसों के संचालन के लिए संबंधित जिला अरबन पब्लिक सर्विस सोसायटी (यूपीएसएस) को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार यूपीएसएस द्वारा निर्माणाधीन सिविल डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर तथा बीपीएम पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की पूर्णता तथा भारत सरकार से ई-बसों की प्राप्ति के बाद बसों का संचालन किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के उक्त शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की प्रक्रिया पिछले तीन साल से चल रही है। इलेक्ट्रिक बस चलाने की कवायद 2025 से की गई थी। तब से हर साल बजट में भी इन बसों के संचालन का प्रावधान रखा जाता है।
भाजपा विधायक के सवाल पर मंत्री का यह जवाब
प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और काेरबा में इलेक्ट्रिक बसें चलाने को लेकर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने विभागीय मंत्री अरुण साव से सवाल पूछा था। मंत्री ने अपने लिखित जवाब में कहा है कि बसों के लिए डिपो और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही है। एजेंसी भी नियुक्त कर दी गई है। केंद्र से बसों की डिलीवरी नहीं मिली है।
इलेक्ट्रिक बस चलने के ये हैं फायदे
पर्यावरण के अनुकूल : ये बसें कोई हानिकारक धुआं नहीं छोड़तीं, जिससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम होता है और वायु गुणवत्ता में सुधार होता है।
कम लागत : डीजल की तुलना में बिजली का खर्च काफी कम है। साथ ही, इनमें कम रखरखाव की आवश्यकता होती है।
कम शोर : इलेक्ट्रिक बसें बहुत शांत चलती हैं, जिससे शहरों में ध्वनि प्रदूषण कम होता है।
आरामदायक सफर : ये बसें कंपन-मुक्त होती हैं और सुगम त्वरण प्रदान करती हैं, जिससे यात्रियों को आरामदायक अनुभव मिलता है।
उन्नत सुरक्षा : इनमें बैटरी आमतौर पर नीचे की ओर स्थित होती है, जो बस को अधिक स्थिर बनाती है। साथ ही, इनमें आग लगने का खतरा डीजल इंजन की तुलना में कम होता है।
आधुनिक सुविधाएं : नई इलेक्ट्रिक बसें जीपीएस, सीसीटीवी, और डिजिटल तकनीकों से लैस होती हैं।


