रायपुर निगम बजट: विकास और जनसुविधाओं पर रहेगा जोर

रायपुर निगम बजट: विकास और जनसुविधाओं पर रहेगा जोर

नगर निगम की बजट सामान्य सभा सोमवार को होगी। इसमें महापौर मीनल चौबे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सदन में पेश करेंगी। यह उनका दूसरा बजट होगा। इस बार के बजट में ट्रिपल इंजन की रफ्तार दिखेगी। पहली बार 1830 करोड़ रुपए का बजट पेश होने का अनुमान है। जोकि पिछले साल की अपेक्षा 300 सौ करोड़ ज्यादा है। निगम के बजट में अब तक सबसे बड़ा इजाफा है। माना जा रहा है कि महापौर ने अपने बजट में सभी वर्गों के विकास और सुविधाओं को केंद्र में रखा रहा है। अधोसंरचना मद फंड ज्यादा होने से सड़क, नाले-नालियां, खेल और उद्यानों के विकास पर ज्यादा खर्च करने के लिए फंड मिलेगा।

जनता की सुविधाओं और विकास पर केंद्रित

पिछला बजट साढ़े 15 सौ करोड़ का था, जिसमें काफी इजाफा होगा। बजट सामान्य सभा को लेकर महापौर मीनल चौबे ने सभी एमआईसी सदस्यों और पार्षदों के साथ चर्चा की है। जिसमें पार्षदों के सवालों का जवाब तथ्यात्मक रूप में देने के लिए पूरी तैयारी से आने के लिए एमआईसी सदस्यों से कहा है। महापौर ने यह संकेत दिया है कि निगम शहर की जनता की सुविधाओं और विकास पर केंद्रित होकर काम करेगा। जिन योजनाओं पर अमल किया जा सकता है, उन प्रमुख विषयों को प्राथमिकता दी गई है। बड़ा-चढाकर बजट पेश करने की पक्षधर नहीं हैं। वहीं कांग्रेस पार्षद दल ने अधूरे वादों को लेकर महापौर परिषद को घेरने की रणनीति बनाई है। माना जा रहा है कि जलापूर्ति को लेकर गरमागरम बहस के आसार हैं।

युवाओं और महिलाओं पर ज्यादा फोकस

निगम के बजट में युवाओं, बच्चों और महिलाओं के विकास पर ज्यादा फोकस रखा जाएगा। खेल मैदान और उद्यानों का विकास शामिल है। जिसमें ज्यादा बजट प्रावधान होगा। कामकाजी महिलाओं के लिए शहर में तीन वुमन हॉस्टल में दूसरे जिलों से आने वाली युवतियां और महिलाओं को अच्छी सुविधा मिलेगी।

अधोसंरचना मद से ज्यादा फंड

तेलीबांधा चौक में बिजनेस टॉवर का निर्माण होने से निगम के राजस्व में काफी इजाफा होने का अनुमान लगाया गया है। तालाबों और ऐतिहासिक सरोहरों, महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण को भी केंद्र में रखा गया है।
अधोसंरचना मद से ज्यादा फंड मिलने की वजह से निगम के बजट में काफी इजाफा होने जा रहा है, क्योंकि इस मद के फंड से ही शहर में आधा दर्जन कनेक्टिविटी वाली सड़कों का निर्माण, पुल-पुलिया और नालों और नालियों का निर्माण होगा, क्योंकि राज्य सरकार के बजट से इस बार निगम को करीब 400 करोड़ विकास कार्यों के लिए प्रावधान है।

एक घंटे का प्रश्नकाल, सभी पार्षदों को समान अवसर : सभापति

नगर निगम की बजट सामान्य सभा सोमवार सुबह 11 बजे से शुरू होगी। सभापति सूर्यकांत राठौड़ का कहना है कि निगम की परंपरा और गरिमा के अनुकूल पक्ष और विपक्ष के सभी पार्षदों को बजट चर्चा में बोलने का समान अवसर देंगे। सभी से सदन के सुचारू संचालन में सहयोग की अपेक्षा है। आसंदी से किसी सदस्य के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। एमआईसी में स्वीकृत 17 एजेंडों पर चर्चा होगी। एक घंटे का प्रश्नकाल होगा, जिसमें चिट निकालकर सदस्यों को सवाल पूछने का मौका मिलेगा।
नगर निगम में भाजपा पार्षदों का दबदबा है। इसलिए एजेंडे पास होने में महापौर को कोई कठिनाई नहीं होती है, लेकिन वार्डों की समस्याओं को लेकर 15 से अधिक पार्षदों ने भी महापौर परिषद को घेरने की तैयारी की है। क्योंकि संपत्ति कर विसंगतियां और पेयजल आपूर्ति समस्या का समाधान नहीं हुआ है। पिछली बार के बजट में वार्ड स्तर पर मास्टर प्लान बनाकर नाली, सड़क सहित विकास कार्य कराने का वादा किया गया था, लेकिन उस पर काम नहीं हुआ। हर बरसात में जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है।

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