मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 13 मार्च को राजधानी रायपुर (Raipur) के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित दूसरे छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट में शामिल हुए।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ हरित सम्मेलन (Chhattisgarh Green Summit) की उपयोगिता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि इसके माध्यम से पॉलिसी मेकिंग से जुड़े लोग, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थान, शोधकर्ता और पर्यावरणविद (Environmentalist) एक मंच पर आकर महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश की अर्थव्यवस्था (Economy) का पावर इंजन है और अब हमारा राज्य ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार हमेशा से विरासत के साथ विकास की पक्षधर रही है। भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा, प्रकृति संरक्षण (Nature Conservation) हमारी परंपरा है।सीएम साय (CM Vishnu Seo Sai) ने इस अवसर पर सम्मेलन में प्रस्तुत शोधों के संकलन पर आधारित पुस्तक एब्स्ट्रेक्ट, सम्मेलन की प्रमुख चर्चाओं पर आधारित हाईलाइट्स ऑफ द समिट तथा जनजातीय कहानियों और परम्पराओं पर आधारित पुस्तक कथा कंथली (Katha Kanthali) का विमोचन किया।इस अवसर पर मेघालय (Meghalaya) के लोकायुक्त सीपी मारक, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, पीसीसीएफ वी. श्रीनिवास राव, विबग्योर फाउंडेशन (VIBGYOR Foundation) के अध्यक्ष शंखदीप चौधरी, विषय विशेषज्ञ, प्रोफेसर, प्रबुद्धजन, स्कॉलर और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।