चूरू में मंगलवार देर शाम मौसम का मिजाज बदल गया। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मेघगर्जन के साथ बारिश हुई, जिसके बाद बुधवार सुबह तेज सर्द हवाएं चलीं। इससे लोगों को एक बार फिर ठंड का अहसास हुआ और गर्म कपड़े पहनने पड़े। शाम करीब साढ़े सात बजे आसमान में तेज बिजली चमकने लगी और बूंदाबांदी शुरू हुई, जो जल्द ही बारिश में बदल गई। बारिश के साथ चली हवाओं ने सर्दी बढ़ा दी। इससे पहले दिन में धूप खिली थी, लेकिन आसमान में बादल छाए हुए थे। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, कई जिलों में बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है।
उन्होंने कहा कि इस विक्षोभ का सर्वाधिक प्रभाव 18 फरवरी को बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में देखने को मिलेगा, जहां मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। तापमान में गिरावट की संभावना
शर्मा के अनुसार, ‘मावठ’ के असर से आगामी दो-तीन दिनों में तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 6.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बदलते मौसम को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पककर तैयार रबी की फसलों को भीगने से बचाएं। कृषि एवं अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखे जिंसों को सुरक्षित रखने के लिए भी उचित उपाय करने को कहा गया है। साथ ही, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने की चेतावनी भी जारी की गई है।


