धौनी स्टेशन पर कविगुरु एक्सप्रेस का एक्सपेरिमेंटल स्टोपेज:यात्रियों की मांग पर रेलवे ने दी मंजूरी; अन्य विकास योजनाएं भी स्वीकृत

बांका के धौनी रेलवे स्टेशन पर कविगुरु एक्सप्रेस का प्रायोगिक ठहराव शुरू किया जाएगा। यह निर्णय धौनी रेलवे संघर्ष समिति रजौन द्वारा लंबे समय से की जा रही पांच सूत्री मांगों के आलोक में पूर्व रेलवे के रेल महाप्रबंधक द्वारा लिया गया है। समिति ने स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं में सुधार की मांग की थी। ट्रेन के स्थायी ठहराव पर होगा विचार रेलवे विभाग के अनुसार, कविगुरु एक्सप्रेस का ठहराव शुरुआत में परीक्षण के तौर पर होगा। ट्रेन के स्थायी ठहराव पर निर्णय टिकट बिक्री और राजस्व प्राप्ति के आधार पर लिया जाएगा। यदि पर्याप्त राजस्व प्राप्त नहीं होता है, तो ठहराव को दोबारा बंद भी किया जा सकता है। इस प्रायोगिक ठहराव की सिफारिश से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। समिति की अन्य मांगों पर भी रेलवे प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। दुमका-पटना एक्सप्रेस ट्रेन के धौनी स्टेशन पर ठहराव को लेकर फिलहाल अध्ययन जारी है। वहीं, स्टेशन पर कम जनसंख्या और सीमित यात्री संख्या को देखते हुए पीआरएस आरक्षण काउंटर खोलना फिलहाल व्यवहारिक नहीं माना गया है। रेलवे का कहना है कि अधिकांश यात्री अब आईआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुकिंग को प्राथमिकता देते हैं। इसके अतिरिक्त, धौनी स्टेशन के विकास के लिए कई योजनाएं विचाराधीन हैं। प्लेटफॉर्म नंबर-2 के पूर्वी हिस्से में नया गेट खोलने की व्यवहार्यता की जांच मंडल स्तर पर चल रही है। स्टेशन पर वाहन पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ई-नीलामी के माध्यम से अनुबंध की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए धौनी रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म शेड के निर्माण कार्य को भी मंजूरी मिल गई है, जिसे जल्द ही शुरू किया जाएगा। संघर्ष समिति के अध्यक्ष सिकंदर यादव और प्रमोद सिंह वेल्डन ने इन मांगों को उठाया था। बांका के धौनी रेलवे स्टेशन पर कविगुरु एक्सप्रेस का प्रायोगिक ठहराव शुरू किया जाएगा। यह निर्णय धौनी रेलवे संघर्ष समिति रजौन द्वारा लंबे समय से की जा रही पांच सूत्री मांगों के आलोक में पूर्व रेलवे के रेल महाप्रबंधक द्वारा लिया गया है। समिति ने स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं में सुधार की मांग की थी। ट्रेन के स्थायी ठहराव पर होगा विचार रेलवे विभाग के अनुसार, कविगुरु एक्सप्रेस का ठहराव शुरुआत में परीक्षण के तौर पर होगा। ट्रेन के स्थायी ठहराव पर निर्णय टिकट बिक्री और राजस्व प्राप्ति के आधार पर लिया जाएगा। यदि पर्याप्त राजस्व प्राप्त नहीं होता है, तो ठहराव को दोबारा बंद भी किया जा सकता है। इस प्रायोगिक ठहराव की सिफारिश से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। समिति की अन्य मांगों पर भी रेलवे प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। दुमका-पटना एक्सप्रेस ट्रेन के धौनी स्टेशन पर ठहराव को लेकर फिलहाल अध्ययन जारी है। वहीं, स्टेशन पर कम जनसंख्या और सीमित यात्री संख्या को देखते हुए पीआरएस आरक्षण काउंटर खोलना फिलहाल व्यवहारिक नहीं माना गया है। रेलवे का कहना है कि अधिकांश यात्री अब आईआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुकिंग को प्राथमिकता देते हैं। इसके अतिरिक्त, धौनी स्टेशन के विकास के लिए कई योजनाएं विचाराधीन हैं। प्लेटफॉर्म नंबर-2 के पूर्वी हिस्से में नया गेट खोलने की व्यवहार्यता की जांच मंडल स्तर पर चल रही है। स्टेशन पर वाहन पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ई-नीलामी के माध्यम से अनुबंध की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए धौनी रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म शेड के निर्माण कार्य को भी मंजूरी मिल गई है, जिसे जल्द ही शुरू किया जाएगा। संघर्ष समिति के अध्यक्ष सिकंदर यादव और प्रमोद सिंह वेल्डन ने इन मांगों को उठाया था।  

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