बेगूसराय में अतिक्रमण पर चला रेलवे का बुलडोजर:स्टेशन के आसपास से हटाए गए 266 अवैध कब्जे, इंस्पेक्टर बोले- आगे भी होगी निगरानी

बेगूसराय में अतिक्रमण पर चला रेलवे का बुलडोजर:स्टेशन के आसपास से हटाए गए 266 अवैध कब्जे, इंस्पेक्टर बोले- आगे भी होगी निगरानी

बेगूसराय रेलवे स्टेशन और इसके आसपास के रेल क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए आज रेल प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने स्टेशन के समीप स्थित LC गेट संख्या 47 और 48 के पास अवैध रूप से बनी दुकानों और झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। भारी सुरक्षा बल के साथ यह कार्रवाई की गई। रेलवे की जमीन पर लंबे समय से कब्जा किए अतिक्रमणकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत की गई। इस अभियान का नेतृत्व खगड़िया के रेल पथ निरीक्षक (IOW) राज किशोर सिंह ने किया। जैसे ही प्रशासनिक टीम जेसीबी और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची, अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदार खुद ही अपना सामान समेटते नजर आए, वहीं कुछ ने समय की मांग की, लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अवैध ढांचों को पूरी तरह साफ कर दिया। अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति बनी रहती थी, गेट बंद होने और खुलने के दौरान ट्रेन संचालन पर भी असर पड़ता था। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदर अनुमंडल प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी अजीत कुमार गोंड भी मौके पर मौजूद रहे। रेलवे अधिकारियों ने अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। आरपीएफ बेगूसराय के निरीक्षक सह पोस्ट कमांडर अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि विरोध से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा थी। आरपीएफ के 13 अधिकारी एवं जवान और जीआरपी बेगूसराय के 2 अधिकारी एवं जवान पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात थे। इस कार्रवाई में 266 अनाधिकृत झोपड़ियों और दुकानों को हटाया गया है। ये दुकानें और झोपड़ियां रेल परिचालन और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले गेट संख्या 47 और 48 के पास स्थित थी। अतिक्रमण के कारण रेलवे के विकास कार्यों में बाधा आ रही थी। भविष्य में भी इस तरह की निगरानी जारी रहेगी इंस्पेक्टर ने बताया कि अतिक्रमण आम यात्रियों और स्थानीय यातायात के लिए भी समस्या बनी हुई थी। उन्होंने बताया कि रेलवे की जमीन पर अनाधिकृत कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू रेल परिचालन के लिए यह अभियान चलाया गया है। भविष्य में भी इस तरह की निगरानी जारी रहेगी ताकि दोबारा अतिक्रमण नहीं हो सके। बेगूसराय रेलवे स्टेशन और इसके आसपास के रेल क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए आज रेल प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने स्टेशन के समीप स्थित LC गेट संख्या 47 और 48 के पास अवैध रूप से बनी दुकानों और झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। भारी सुरक्षा बल के साथ यह कार्रवाई की गई। रेलवे की जमीन पर लंबे समय से कब्जा किए अतिक्रमणकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत की गई। इस अभियान का नेतृत्व खगड़िया के रेल पथ निरीक्षक (IOW) राज किशोर सिंह ने किया। जैसे ही प्रशासनिक टीम जेसीबी और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची, अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदार खुद ही अपना सामान समेटते नजर आए, वहीं कुछ ने समय की मांग की, लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अवैध ढांचों को पूरी तरह साफ कर दिया। अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति बनी रहती थी, गेट बंद होने और खुलने के दौरान ट्रेन संचालन पर भी असर पड़ता था। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदर अनुमंडल प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी अजीत कुमार गोंड भी मौके पर मौजूद रहे। रेलवे अधिकारियों ने अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। आरपीएफ बेगूसराय के निरीक्षक सह पोस्ट कमांडर अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि विरोध से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा थी। आरपीएफ के 13 अधिकारी एवं जवान और जीआरपी बेगूसराय के 2 अधिकारी एवं जवान पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात थे। इस कार्रवाई में 266 अनाधिकृत झोपड़ियों और दुकानों को हटाया गया है। ये दुकानें और झोपड़ियां रेल परिचालन और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले गेट संख्या 47 और 48 के पास स्थित थी। अतिक्रमण के कारण रेलवे के विकास कार्यों में बाधा आ रही थी। भविष्य में भी इस तरह की निगरानी जारी रहेगी इंस्पेक्टर ने बताया कि अतिक्रमण आम यात्रियों और स्थानीय यातायात के लिए भी समस्या बनी हुई थी। उन्होंने बताया कि रेलवे की जमीन पर अनाधिकृत कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू रेल परिचालन के लिए यह अभियान चलाया गया है। भविष्य में भी इस तरह की निगरानी जारी रहेगी ताकि दोबारा अतिक्रमण नहीं हो सके।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *