मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र की रेल सुविधाओं में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह जानकारी चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चल रही रेल परियोजनाओं से न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि संबंधित जिलों में औद्योगिक विकास, पर्यटन व रोजगार के अवसर पैदा होंगे। रेल मंत्री ने बताया कि चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और उदयपुर जिलों की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है। इसके तहत नीमच-सिंगोली-बेंगू-रावतभाटा-कोटा के बीच 201 किमी लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। मंदसौर-प्रतापगढ़-घाटोल-बांसवाड़ा (120 किमी) व नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद (380 किमी) रेल लाइनों की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उदयपुर को मिला विशेष रेल परियोजना का तोहफा केंद्र सरकार ने उमरा-उदयपुर-देबारी दोहरीकरण परियोजना को विशेष रेल परियोजना घोषित किया है। 492 करोड़ रुपए की इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, पिछले तीन वर्षों और चालू वित्त वर्ष के दौरान राजस्थान में कुल 5,666 किमी लंबाई के 59 सर्वेक्षणों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से माल ढुलाई और पर्यटन क्षेत्र में तेजी आएगी। रेल मंत्री ने बताया कि चित्तौड़गढ़-मावली-देबारी के बीच 99 किमी लंबे ट्रैक के दोहरीकरण का सर्वे अंतिम चरण में है। इस परियोजना में पुल और स्टेशनों का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। वहीं, नीमच-बड़ीसादड़ी नई रेल लाइन के लिए 495 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। यहां भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और 7 में से 4 बड़े पुल तथा 30 में से 9 आरयूबी तैयार हो चुके हैं। मावली-देवगढ़ अमान परिवर्तन परियोजना 969 करोड़ रुपए की लागत से चल रही है, जिसमें 64 में से 38 आरयूबी और 7 में से 4 स्टेशन भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है।


