मोतिहारी में सूखे नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने छतौनी थाना क्षेत्र के प्राइवेट बस स्टैंड और आसपास की दुकानों पर छापेमारी कर आधा किलो से अधिक गांजा जब्त किया। यह कार्रवाई एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर प्रशिक्षु आईपीएस हेमंत कुमार के नेतृत्व में की गई। छापेमारी के दौरान, प्राइवेट बस स्टैंड स्थित एक बंद दुकान से आधा किलो से अधिक गांजा और छोटी पुड़िया बनाने में इस्तेमाल होने वाले रैपर बरामद किए गए। पुलिस अब दुकान के मालिक और गांजा तस्करों की पहचान करने के लिए आसपास के दुकानदारों से पूछताछ कर रही है। हालांकि, पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही कई तस्कर अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए थे। युवा पीढ़ी में सूखे नशे का चलन बढ़ा प्रशिक्षु आईपीएस हेमंत कुमार ने बताया कि बिहार में शराबबंदी के बाद युवा पीढ़ी में सूखे नशे का चलन बढ़ रहा है। एसपी को शहर में सूखा नशा बेचे जाने की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद इस विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में सदर डीएसपी दिलीप कुमार, साइबर डीएसपी अभिनव पराशर, प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका, नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन, छतौनी थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार पासवान और एसआई प्रीति पाल सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल शामिल था। लगभग दो घंटे तक चली इस छापेमारी में कई दुकानों से ‘गोगो’ भी बरामद किया गया, जिसका उपयोग मादक पदार्थों के सेवन में होता है। पुलिस ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि नशे के कारोबार पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके। बिहार में सभी प्रकार के नशे पर प्रतिबंध सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि बिहार में सभी प्रकार के नशे पर प्रतिबंध है। उन्होंने चेतावनी दी कि सूखा नशा बेचने या सेवन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खासकर युवा पीढ़ी से अनुरोध है कि इस तरह के नशे से दूरी बनाएं, नहीं तो उनका भविष्य बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे और तेज किया जाएगा। साथ ही शहरवासियों से अपील की कि अगर उनके आसपास कहीं भी इस तरह की गतिविधि हो रही हो तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। मोतिहारी में सूखे नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने छतौनी थाना क्षेत्र के प्राइवेट बस स्टैंड और आसपास की दुकानों पर छापेमारी कर आधा किलो से अधिक गांजा जब्त किया। यह कार्रवाई एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर प्रशिक्षु आईपीएस हेमंत कुमार के नेतृत्व में की गई। छापेमारी के दौरान, प्राइवेट बस स्टैंड स्थित एक बंद दुकान से आधा किलो से अधिक गांजा और छोटी पुड़िया बनाने में इस्तेमाल होने वाले रैपर बरामद किए गए। पुलिस अब दुकान के मालिक और गांजा तस्करों की पहचान करने के लिए आसपास के दुकानदारों से पूछताछ कर रही है। हालांकि, पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही कई तस्कर अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए थे। युवा पीढ़ी में सूखे नशे का चलन बढ़ा प्रशिक्षु आईपीएस हेमंत कुमार ने बताया कि बिहार में शराबबंदी के बाद युवा पीढ़ी में सूखे नशे का चलन बढ़ रहा है। एसपी को शहर में सूखा नशा बेचे जाने की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद इस विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में सदर डीएसपी दिलीप कुमार, साइबर डीएसपी अभिनव पराशर, प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका, नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन, छतौनी थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार पासवान और एसआई प्रीति पाल सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल शामिल था। लगभग दो घंटे तक चली इस छापेमारी में कई दुकानों से ‘गोगो’ भी बरामद किया गया, जिसका उपयोग मादक पदार्थों के सेवन में होता है। पुलिस ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि नशे के कारोबार पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके। बिहार में सभी प्रकार के नशे पर प्रतिबंध सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि बिहार में सभी प्रकार के नशे पर प्रतिबंध है। उन्होंने चेतावनी दी कि सूखा नशा बेचने या सेवन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खासकर युवा पीढ़ी से अनुरोध है कि इस तरह के नशे से दूरी बनाएं, नहीं तो उनका भविष्य बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे और तेज किया जाएगा। साथ ही शहरवासियों से अपील की कि अगर उनके आसपास कहीं भी इस तरह की गतिविधि हो रही हो तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।


