फरीदाबाद जिले के सेक्टर-15 स्थित कालरा अस्पताल और कालरा ग्रुप के अन्य प्रतिष्ठानों पर बुधवार सुबह आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई रोहतक आयकर विभाग की टीम के नेतृत्व में की गई। सुबह करीब 7 बजे अलग-अलग टीमों ने अस्पताल परिसर, ग्रुप संचालक के सेक्टर-15 स्थित आवास और संबंधित कार्यालयों पर एक साथ दबिश दी, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। फरीदाबाद के अलावा रोहतक, हिसार और मेरठ में भी ग्रुप से जुड़े संस्थानों पर समानांतर रूप से छापेमारी की गई। आयकर अधिकारियों ने पहुंचते ही मुख्य प्रवेश द्वारों को अपने नियंत्रण में लेकर कर्मचारियों से जरूरी जानकारी ली और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। टीम द्वारा आय-व्यय के रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन, टैक्स रिटर्न, निवेश से जुड़े कागजात, संपत्ति विवरण और कंप्यूटर हार्ड डिस्क सहित डिजिटल डेटा की गहन जांच की गई। इमरजेंसी सेवाएं और ओपीडी रही जारी अस्पताल में चल रही कार्रवाई के दौरान मरीजों को असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। इमरजेंसी सेवाएं और ओपीडी सीमित रूप से जारी रही, हालांकि प्रशासनिक कामकाज प्रभावित रहा। अस्पताल स्टाफ को जांच में पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए गए और बाहरी लोगों के प्रवेश पर कुछ समय के लिए नियंत्रण रखा गया। आय में अंतर की आशंका जताई सूत्रों के अनुसार कालरा ग्रुप की आय और निवेश से जुड़े दस्तावेजों में कथित अनियमितताओं की सूचना मिलने के बाद यह कदम उठाया गया। प्रारंभिक स्तर पर वित्तीय लेन-देन, घोषित आय और वास्तविक आय के बीच अंतर की आशंका जताई गई थी। इन्हीं बिंदुओं की पुष्टि और वास्तविक आय का सही आकलन करने के लिए बहु-शहरी छापेमारी की गई। फिलहाल आयकर विभाग की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


