झाबुआ जिले के फूलमाल क्षेत्र में सोमवार को पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने लंबे समय से बिना अनुमति के चल रहे एक अवैध डामर प्लांट पर छापामार कार्रवाई की। इस अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर काम कर रहे लोग भागने की कोशिश करने लगे। प्रशासन ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे प्लांट के वास्तविक मालिक के बारे में पूछताछ की जा रही है। शिकायतों के बाद प्रशासन ने की घेराबंदी फूलमाल इलाके में संचालित इस प्लांट के बारे में प्रशासन को लंबे समय से अवैध गतिविधियों और प्रदूषण की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों की पुष्टि के बाद झाबुआ तहसीलदार सुनील डावर और कोतवाली थाना प्रभारी रमेश भास्करे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से प्लांट की घेराबंदी कर दबिश दी। मौके से ट्रैक्टर और निर्माण सामग्री जब्त कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग ने प्लांट परिसर में मौजूद एक ट्रैक्टर और डामर बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य मशीनों और निर्माण सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया है। मौके पर टीम को प्लांट संचालन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिले। प्रशासन ने वहां से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे प्लांट के वास्तविक मालिक के बारे में पूछताछ की जा रही है। मालिक की तलाश, दर्ज होगा केस तहसीलदार सुनील डावर ने स्पष्ट किया कि आवासीय और कृषि क्षेत्र के पास बिना अनुमति के इस तरह के प्लांट का संचालन करना गैर-कानूनी है। कोतवाली थाना प्रभारी आरसी भास्करे ने बताया कि फिलहाल पूरी कार्रवाई का पंचनामा तैयार किया जा रहा है। जैसे ही राजस्व विभाग की ओर से जांच रिपोर्ट (प्रतिवेदन) प्राप्त होगी, प्लांट के मुख्य संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अन्य स्थानों पर भी ऐसी अवैध गतिविधियों की जांच की जाएगी।


