खाद्य एवं औषध विभाग विभाग की टीम ने की कार्रवाई, मिलावट की सामग्री सहित 7.44 लाख का मुद्दामाल पकड़ा
मेहसाणा. जिले में एशिया के सबसे बड़े माने जाने वाले ऊंझा मार्केट यार्ड क्षेत्र में जीरा की फैक्ट्री पर छापा मारकर शंकास्पद जीरा जब्त किया गया।
जानकारी के अनुसार, खाद्य एवं औषध विभाग की टीम ने कार्रवाई की। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के उद्देश्य से खाद्य अधिकारी वी. जे. चौधरी और उनकी टीम ने ऊंझा स्थित पटेल सुमितकुमार वसंतलाल की फैक्ट्री पर अचानक छापा मारा।
तलाशी के दौरान फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में संदिग्ध जीरा तथा उसमें मिलावट करने के लिए प्रयुक्त ब्राउन पाउडर और हरे पाउडर का भंडार मिला। इस पूरे माल की कीमत लगभग 7.44 लाख रुपए आंकी गई। टीम ने इस संदिग्ध मुद्दामाल को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया।
नमूने लेकर लेबोरेट्री में भेजे
अधिकारियों ने मौके से जीरा और अन्य पाउडर के नमूने लेकर सरकारी प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यदि रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है तो फैक्ट्री मालिक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मिलावट पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी
एशिया के सबसे बड़े मसाला बाजार के रूप में प्रसिद्ध ऊंझा मार्केट यार्ड में जीरा और सौंफ आदि वस्तुओं में मिलावट रोकने के लिए ऊंझा एपीएमसी और खाद्य एवं औषध विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मार्केट यार्ड के चेयरमैन दिनेश पटेल ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यापारी मिलावट करते पकड़ा जाएगा तो उसका लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, मिलावटी मुद्दामाल को सार्वजनिक रूप से जलाकर नष्ट किया जाएगा ताकि नैतिकता बनी रहे।
विशेष रूप से जीरे और सौंफ को आकर्षक बनाने के लिए उन पर गुड़ के रस और पाउडर की कोटिंग की जांच तेज कर दी गई है। खाद्य अधिकारी ने व्यापारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आप यह माल अपने बच्चों को खिला सकते हैं, तभी इसे बाजार में बेचें।


