औरंगाबाद में आज सुबह आयकर विभाग (इनकम टैक्स) की टीम ने कार्रवाई की है। राइस मिल कारोबारी के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। कारोबारी विश्वजीत जायसवाल से जुड़े परिसरों पर एक्शन हो रहा है। इन्हें औरंगाबाद के बड़े राइस मिल कारोबारियों में गिना जाता है। आयकर विभाग की टीम सुबह-सुबह शहर के महाराजगंज रोड स्थित वी-मार्ट के पीछे उनके कार्यालय पहुंची, जहां दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके साथ ही वियाडा परिसर में स्थित रितेश चंद्रवंशी के राइस मिल और देव प्रखंड स्थित उनके आवास पर भी आयकर विभाग की अलग-अलग टीमें जांच कर रही हैं। तीनों स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। किसी को भी अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। बताया जा रहा है कि रितेश चंद्रवंशी के राइस मिल में भी कारोबारी विश्वजीत जायसवाल का पैसा लगा है। आय से अधिक संपत्ति मामले में छापेमारी सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति, टैक्स चोरी और कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच को लेकर की जा रही है। हालांकि, छापेमारी में शामिल आयकर विभाग के अधिकारियों ने अभी तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी देने से इनकार किया है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है। विश्वजीत जायसवाल वर्तमान में वाराणसी में रहते हैं और बिहार व उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में उनका राइस मिल और रेलवे रेक लोडिंग से जुड़ा बड़ा कारोबार है। पहले वे औरंगाबाद के बड़े व्यवसाय शंभू पांडेय के साथ पार्टनर थे। बाद में दोनों अलग हो गए। लंबे समय से उनका व्यापारिक नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ है, जिसको लेकर आयकर विभाग पहले से निगरानी कर रहा था। फिलहाल बड़ी मात्रा में दस्तावेजों की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद आयकर विभाग की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा, जिससे पूरे मामले की स्थिति साफ हो सकेगी। औरंगाबाद में आज सुबह आयकर विभाग (इनकम टैक्स) की टीम ने कार्रवाई की है। राइस मिल कारोबारी के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। कारोबारी विश्वजीत जायसवाल से जुड़े परिसरों पर एक्शन हो रहा है। इन्हें औरंगाबाद के बड़े राइस मिल कारोबारियों में गिना जाता है। आयकर विभाग की टीम सुबह-सुबह शहर के महाराजगंज रोड स्थित वी-मार्ट के पीछे उनके कार्यालय पहुंची, जहां दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके साथ ही वियाडा परिसर में स्थित रितेश चंद्रवंशी के राइस मिल और देव प्रखंड स्थित उनके आवास पर भी आयकर विभाग की अलग-अलग टीमें जांच कर रही हैं। तीनों स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। किसी को भी अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। बताया जा रहा है कि रितेश चंद्रवंशी के राइस मिल में भी कारोबारी विश्वजीत जायसवाल का पैसा लगा है। आय से अधिक संपत्ति मामले में छापेमारी सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति, टैक्स चोरी और कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच को लेकर की जा रही है। हालांकि, छापेमारी में शामिल आयकर विभाग के अधिकारियों ने अभी तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी देने से इनकार किया है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है। विश्वजीत जायसवाल वर्तमान में वाराणसी में रहते हैं और बिहार व उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में उनका राइस मिल और रेलवे रेक लोडिंग से जुड़ा बड़ा कारोबार है। पहले वे औरंगाबाद के बड़े व्यवसाय शंभू पांडेय के साथ पार्टनर थे। बाद में दोनों अलग हो गए। लंबे समय से उनका व्यापारिक नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ है, जिसको लेकर आयकर विभाग पहले से निगरानी कर रहा था। फिलहाल बड़ी मात्रा में दस्तावेजों की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद आयकर विभाग की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा, जिससे पूरे मामले की स्थिति साफ हो सकेगी।


