अगले महीने विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है, उससे पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को दिल्ली तलब किया। आज दिल्ली में बिहार कांग्रेस की बड़ी बैठक है। इंदिरा भवन में 4:30 बजे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में यह बैठक शुरू होगी। इस बैठक में सभी विधायक, सांसद, एमएलसी सहित प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में संगठन को मजबूत करने को लेकर चर्चा होगी। इसके साथ ही विधायक दल के नेता की भी घोषणा हो सकती है। विधायक दल के नेता पर लगा सकती है अंतिम मुहर विधानसभा चुनाव परिणाम के दो महीने बाद भी कांग्रेस प्रदेश में विधायक दल का नेता नहीं चुन पाई है। इस बीच विधानसभा का एक सत्र बीत चुका है और अब अगला बजट सत्र भी सामने है। ऐसे में दिल्ली तलब किए गए विधायकों की मौजूदगी में आलाकमान बिहार में विधायक दल के नेता पर अंतिम मुहर लगा सकती है। पार्टी के 6 विधायकों के बीच इस पर आपस में सहमति नहीं बन पाने के कारण अब तक यह मामला अटका हुआ है। बैठक में नहीं मौजूद रहने पर पार्टी छोड़ने की अफवाह प्रदेश नेतृत्व की ओर से सदाकत आश्रम में बुलाई गई बैठकों में कई विधायक मौजूद नहीं रहे थे। उनकी गैरमौजूदगी के बाद अब दिल्ली में क्राइसिस मैनेजमेंट की कवायद की गई है। मनरेगा आंदोलन के लिए बुलाई गई बैठक में कांग्रेस के दो विधायक मौजूद नहीं थे। इस बैठक में चनपटिया के अभिषेक रंजन और वाल्मीकिनगर के सुरेंद्र प्रसाद नहीं आए थे। वहीं, सोमवार को प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू की बुलाई बैठक में भी मनिहारी के विधायक मनोहर सिंह मौजूद नहीं थे। इसके बाद से ही कांग्रेस में टूट की कयास लगाई जा रही थी। दो विधायकों पर विचार कर रहा कांग्रेस कांग्रेस विधायकी या सांगठनिक वरीयता के आधार पर विधायक दल का नेता चुन सकती है। इसमें मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद सिंह और चनपटिया से अभिषेक रंजन का नाम सामने आ रहा है। मनोहर प्रसाद सिंह चौथी बार विधायक चुने गए हैं। वे आदिवासी समुदाय से आते हैं। वहीं, अभिषेक रंजन पहली बार विधायक बने हैं, लेकिन युवा कांग्रेस में प्रदेश स्तर पर वह महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। आज की बैठक में सभी विधायकों से आलाकमान वन-टू-वन बात कर उनकी नाराजगी का कारण जानने की भी कोशिश करेगी। उनसे बातचीत के आधार पर पार्टी संगठन में उनकी भूमिका बढ़ाने की भी कवायद करेगी। अगले महीने विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है, उससे पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को दिल्ली तलब किया। आज दिल्ली में बिहार कांग्रेस की बड़ी बैठक है। इंदिरा भवन में 4:30 बजे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में यह बैठक शुरू होगी। इस बैठक में सभी विधायक, सांसद, एमएलसी सहित प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में संगठन को मजबूत करने को लेकर चर्चा होगी। इसके साथ ही विधायक दल के नेता की भी घोषणा हो सकती है। विधायक दल के नेता पर लगा सकती है अंतिम मुहर विधानसभा चुनाव परिणाम के दो महीने बाद भी कांग्रेस प्रदेश में विधायक दल का नेता नहीं चुन पाई है। इस बीच विधानसभा का एक सत्र बीत चुका है और अब अगला बजट सत्र भी सामने है। ऐसे में दिल्ली तलब किए गए विधायकों की मौजूदगी में आलाकमान बिहार में विधायक दल के नेता पर अंतिम मुहर लगा सकती है। पार्टी के 6 विधायकों के बीच इस पर आपस में सहमति नहीं बन पाने के कारण अब तक यह मामला अटका हुआ है। बैठक में नहीं मौजूद रहने पर पार्टी छोड़ने की अफवाह प्रदेश नेतृत्व की ओर से सदाकत आश्रम में बुलाई गई बैठकों में कई विधायक मौजूद नहीं रहे थे। उनकी गैरमौजूदगी के बाद अब दिल्ली में क्राइसिस मैनेजमेंट की कवायद की गई है। मनरेगा आंदोलन के लिए बुलाई गई बैठक में कांग्रेस के दो विधायक मौजूद नहीं थे। इस बैठक में चनपटिया के अभिषेक रंजन और वाल्मीकिनगर के सुरेंद्र प्रसाद नहीं आए थे। वहीं, सोमवार को प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू की बुलाई बैठक में भी मनिहारी के विधायक मनोहर सिंह मौजूद नहीं थे। इसके बाद से ही कांग्रेस में टूट की कयास लगाई जा रही थी। दो विधायकों पर विचार कर रहा कांग्रेस कांग्रेस विधायकी या सांगठनिक वरीयता के आधार पर विधायक दल का नेता चुन सकती है। इसमें मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद सिंह और चनपटिया से अभिषेक रंजन का नाम सामने आ रहा है। मनोहर प्रसाद सिंह चौथी बार विधायक चुने गए हैं। वे आदिवासी समुदाय से आते हैं। वहीं, अभिषेक रंजन पहली बार विधायक बने हैं, लेकिन युवा कांग्रेस में प्रदेश स्तर पर वह महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। आज की बैठक में सभी विधायकों से आलाकमान वन-टू-वन बात कर उनकी नाराजगी का कारण जानने की भी कोशिश करेगी। उनसे बातचीत के आधार पर पार्टी संगठन में उनकी भूमिका बढ़ाने की भी कवायद करेगी।


